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महाराष्ट्र: अनिल देशमुख तीसरी बार भी ईडी के समक्ष नहीं हुए पेश, दोनों सहयोगी की हिरासत बढ़ी
Tue, 06 Jul 2021 04:16 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 06 Jul 2021 04:16 AM IST
सार
- महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री बोले, जांच पारदर्शी नहीं, ईडी की कार्रवाई पूर्वाग्रह से ग्रसित
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अनिल देशमुख
- फोटो : facebook.com/AnilDeshmukhNCP
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विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री व एनसीपी नेता अनिल देशमुख लगातार तीसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने सोमवार को अपने वकील के जरिए दक्षिण मुंबई के बेलार्ड पियर्स स्थित ईडी के अधिकारियों को आठ पेज का आवेदन पत्र सौंपा।
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इसमें उन्होंने कहा कि ईडी की जांच पारदर्शी नहीं है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें। साथ ही उन्होंने ईडी पर अपने खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित होने और विपरीत धारणा तैयार करने का भी आरोप लगाया। ईडी ने उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख को मंगलवार को बुलाया है।
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धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच कर रही ईडी ने तीसरी बार समन भेजकर देशमुख को सोमवार को पेश होने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने उपस्थित होने में असमर्थता जताई है। उन्होंने वकील इंद्रपाल सिंह देशमुख के माध्यम से मुंबई में ईडी के सहायक निदेशक तस्सीन सुल्तान को पत्र भेजा जिसमें उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी अर्जी पर कुछ दिन में सुनवाई हो सकती है, इसलिए फैसला आने तक इंतजार करें।
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इससे पहले 29 जून को उन्होंने ईडी के सामने पेश होने की बजाय ऑडियो-वीडियो के माध्यम से बयान दर्ज करने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, इससे पहले 25 जून को अपनी 72 साल की उम्र और बीमारियों का हवाला देते हुए ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था।
निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे की गिरफ्तारी के बाद उन पर भी ईडी का शिकंजा कस गया है। उन्हें ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने का भय सता रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनकी कोशिश हैं कि जब तक कोर्ट की सुनवाई न हो तब तक वह ईडी के सामने पेश होने से बचें।
वहीं, बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि यह सीबीआई का कर्तव्य है कि वह न केवल महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की बल्कि उनसे जुड़े मामले में कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों की जांच करे। अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता के खिलाफ चल रही जांच की प्रगति के बारे में भी बताने को कहा।
न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एनजे जामदार की पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से पूछा कि अप्रैल में देशमुख के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच कितनी आगे बढ़ी है। पीठ ने कहा कि जांच की प्रगति क्या है? हम एक सीलबंद लिफाफे में प्रगति रिपोर्ट देखना चाहते हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग: देशमुख के दोनों सहयोगी की ईडी हिरासत 20 जुलाई तक बढ़ी
मुंबई की एक अदालत ने संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे 20 जुलाई तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। दोनों ही महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के सहयोगी हैं। पूर्व गृह मंत्री 100 करोड़ के वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे है।
छापेमारी के बाद देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे को ईडी ने 26 जून को गिरफ्तार किया था। पलांडे और शिंदे के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। मनी लॉन्ड्रिंग में दोनों ने देशमुख का सहयोग किया था।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच के बाद देशमुख और अन्य के खिलाफ ईडी ने मामला शुरू किया था। कोर्ट ने सीबीआई से देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोपों की जांच करने को कहा था। गौरतलब है कि इन आरोपों के बाद इस साल अप्रैल में राज्य के गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले देशमुख ने सभी आरोपों से इनकार किया था।