सुप्रीम कोर्ट ने लगाई केंद्र सरकार को फटकार,कहा- हम यहां कचरा लेने नहीं बैठे हैं
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कोर्ट ने केंद्र के साथ राज्य सरकार को भी भी खूब खरी-खोटी सुनाई और कहा कि अगर केंद्र सरकार सारा कूड़ा हम पर डालना चाहती है तो हम बता दें कि हम गार्बेज कलेक्टर नहीं है। कोर्ट ने सरकार द्वारा दायर हलफनामे को लेने से इनकार कर दिया है और कहा कि हम किसी भी हालत में इसे स्वीकार करने नहीं जा रहे हैं।
सॉलिड वेस्ट की सुनवाई करते हुए जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा, 'आप करना क्या चाहते हैं? क्या आप हमें प्रभावित करना चाहते हैं? हम बिल्कुल प्रभावित नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि क्या आप अपनी हर गंदगी कोर्ट में खपाना चाहते हैं। हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हमें ऐसा लग रहा है जैसे आप सारा कूड़ा हमारे सामने फेंक देते हैं। हम कचरा इकट्ठा करनेवाले नहीं है।
दोनों जजों का गुस्सा फूटा
बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर न्यायाधीश दीपक गुप्ता और मदन लोकुर की पीठ सुनवाई कर रही थी। दोनों जजों की बेंच का गुस्सा इस मामले में उस वक्त फूटा जब केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए काउंसल ने 845 पेज के हलफनामा पेश करने की बात कही। इसके बाद जैसे ही न्यायाधीशों ने सवाल पूछना शुरू किया काउंसल उसका जवाब नहीं दे सके।
इसके बाद कोर्ट ने 845 पेज के हलफनामे पर काउंसल को आड़े हाथों लिया और कहा- आपने हलफनामे को खुद भी नहीं पढ़ा है और लाकर हमारे सामने पटक दिया। अगर हलफनामे में तथ्य नहीं हैं तो उन्हें फाइल करने का कोई औचित्य ही नहीं है। आपने इसे नहीं देखा और आप चाहते हैं कि हम इसे देखें। हम इसे अफने रिकॉर्ड में नहीं लेने जा रहे हैं।' कोर्ट देश भर में चिकनगुनिया और डेंगू से होने वाली मौत को लेकर चिंता जताई थी।