Maharashtra: उद्धव के काफिले पर हमले में 54 लोगों पर केस दर्ज, राज ठाकरे बोले- गुस्से में थे मनसे कार्यकर्ता
शनिवार को मनसे कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला किया था। ठाणे में हुए हमले के दौरान शिवसेना-यूबीटी नेता के काफिले पर टमाटर फेंके थे। इससे ठीक एक दिन पहले बीड में कुछ लोगों ने राज ठाकरे के काफिले पर सुपारी फेंकीं थीं।
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के काफिले पर हुए हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी है। आपको बता दें कि शनिवार को मनसे कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला किया था। ठाणे में हुए हमले के दौरान शिवसेना-यूबीटी नेता के काफिले पर टमाटर और गोबर फेंका था। इससे ठीक एक दिन पहले बीड में कुछ लोगों ने राज ठाकरे के काफिले पर सुपारी फेंकीं थीं।
दो एफआईआर में 54 मनसे कार्यकर्ताओं का नाम
आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमले के हमले के आरोप में अधिकारियों ने करीब 40 एमएनएस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें जाने दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद रविवार को पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं। इन दो एफआईआर में 54 मनसे कार्यकर्ताओं का नाम जोड़ा गया है।
राज ठाकने ने क्या कहा?
अब राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है। राज ठाकरे ने कहा कि जब उनके काफिले पर बीड में सुपारियों से हमला किया गया था तो शिवसेना- यूबीटी जिला प्रमुख ने इस हमले की निंदा नहीं की थी। इस वजह से मनसे कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राज ठाकरे ने कहा, ‘मनसे के काफिले पर बीड में हमला हुआ तो बीड जिले के शिवसेना-यूबीटी प्रमुख ने इसकी निंदा नहीं की। इससे मनसे कार्यकर्ता निराश हुए और ठाणे में शिवसेना-यूबीटी के काफिले पर टमाटर और गोबर फेंका गया।’ इसके साथ ही राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से अब शांत रहने का भी अनुरोध किया है। राज ठाकरे ने विधानसभा चुनावों के बाद उन लोगों के व्यवहार पर ध्यान देने की चेतावनी दी, जिन्होंने अपने तरीके बदलने से इनकार कर दिया है।
संजय राउत का हमले से इनकार
राज ठाकरे ने दावा किया कि उनके मराठवाड़ा क्षेत्र के दौरे के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की गई। मनसे प्रमुख ने कहा कि मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करने वाले कुछ लोग राकांपा (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े पाए गए हैं। राज ठाकरे ने कहा कि ऐसे लोगों का सोशल मीडिया पर खुलासा होना चाहिए। उधर, शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत का कहना है कि राज ठाकरे के काफिले पर हमला करने के पीछे उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का हाथ नहीं था।