Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश तीन राजधानियों वाला देश का पहला राज्य, टीडीपी सांसद को मिली जमानत
- मुख्यमंत्री के संबोधन में व्यवधान डालने वाले टीडीपी के 17 विधायक निलंबित
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तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद जयदेव गल्ला को मंगलवार तड़के किसान प्रदर्शन के एक मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि बाद में उन्हें मंगलगिरी मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई। उन्हें राज्य सरकार के तीन राजधानियों के प्रस्ताव का विरोध करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि गुंटूर से सांसद जयदेव गल्ला के खिलाफ विभिन्न गैर जमानती धाराओं के तहत सोमवार देर रात मामला दर्ज किया और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सांसद को देर रात करीब तीन बजे मंगलगिरि मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। जमानत ना मिलने पर सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्हें गुंटूर उप जेल भेजा गया।
तीन राजधानियों के प्रस्ताव को मंजूरी
आंध्र प्रदेश विधानसभा ने सोमवार देर रात राज्य में तीन राजधानी बनाने के संबंधी बिल को मंजूरी दे दी। कैबिनेट से मंजूरी के बाद वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार ने यह बिल विधानसभा में पेश किया था। इसके अनुसार, विशाखापट्टनम को कार्यकारी, अमरावती को विधायी और कुर्नूल को न्यायिक राजधानी बनाया जाएगा।
विधान परिषद से इस बिल के पास होने के बाद आंध्र देश का ऐसा पहला राज्य हो जाएगा जिसकी तीन राजधानियां होंगी। सरकार इस कदम को राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी बता रही है। हालांकि सरकार के इस कदम का व्यापक विरोध भी शुरू हो गया है।
किसानों और महिलाओं पर लाठीचार्ज
अमरावती में हजारों किसानों और महिलाओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और सुरक्षा घेरा तोड़कर विधानसभा परिसर तक पहुंच गए। लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया। इसमें छह लोग घायल हुए हैं। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यह लोकतंत्र का काला दिन: चंद्रबाबू नायडू
वहीं विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में टीडीपी विधायकों ने मुख्य प्रवेश द्वार से विधानसभा के अंदर तक पैदल मार्च किया और विरोध जताया। मुख्यमंत्री जगनमोहन के संबोधन के दौरान व्यवधान डालने के लिए टीडीपी के 17 विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। नारेबाजी कर रहे विधायकों को मार्शलों ने आकर सदन से बाहर किया।
बाद में इन विधायकों के साथ सदन के गेट पर नायडू पर धरने पर बैठ गए। अमरावती के ग्रामीण इलाकों में जाने की कोशिश कर रहे नायडू को पुलिस ने हिरासत में लेकर उन्हें उनके घर छोड़ा। नायडू ने कहा कि दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां तीन राजधानी हों।
यह एक काला दिन है, हम अमरावती और आंध्र प्रदेश को बचाना चाहते हैं। केवल वह ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और सड़कों पर हैं। सरकार सबको गिरफ्तार कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
फैसले का विरोध
वहीं, इससे पहले राज्य की राजधानी स्थानांतरित करने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अमरावती क्षेत्र के सैकड़ों किसान व महिलाएं, सशस्त्र कर्मियों की ओर से की गई सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ते और निषेधाज्ञा की अवज्ञा करते हुए सोमवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा परिसर के करीब तक पहुंच गए।
पुलिस ने निहत्थी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया क्योंकि विधानसभा का महत्वपूर्ण सत्र कुछ ही फासले पर जारी था। परिसर के पिछले हिस्से में नाटकीय घटनाक्रम जारी रहने के बावजूद विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार से कुछ मीटर की दूरी पर अपनी तेलुगु देशम पार्टी के विधायकों के साथ पैदल यात्रा की अगुवाई की।
हालांकि पुलिस बल की भारी तैनाती के चलते तेदेपा विधानसभा का घेराव करने के अपने कार्यक्रम को योजना के मुताबिक अंजाम नहीं दे पाई। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी किसानों व अन्य की तरफ से पत्थर फेंके जाने की घटना में उसके छह कर्मी घायल हो गए। साथ ही कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।