Operation Sindoor: 'मेरी इच्छा के विरुद्ध सेना में शामिल हुआ मुरली', पिता बोले- देश की सेवा करना चाहता था बेटा
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गोलीबारी में बलिदान हुए आंध्र प्रदेश के सैनिक मुरली नाइक के पिता श्रीधर ने कहा कि बेटा मेरी इच्छा के विरुद्ध सेना में भर्ती हुआ था। वह देश की सेवा करना चाहता था। आज नाइक का अपने पैतृक गांव कल्लिटांडा में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सीमा पर गोलीबारी के दौरान आंध्र प्रदेश का सैनिक मुरली नाइक बलिदान हो गया। वह अपने परिवार का इकलौता चिराग था। नाइक के पिता ने शुक्रवार को बेटे के बलिदान होने पर रुंधे गले से कहा कि वह मेरी इच्छा के विरुद्ध सेना में शामिल हुआ, क्योंकि वह देश की सेवा करना चाहता था। नाइक का आज आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले के कल्लिटांडा में अपने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुरली का परिवार मुंबई के घाटकोपर में कामराज नगर इलाके में रहता है। अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए मुरली के पिता श्रीधर नाइक ने कहा कि उनका 23 वर्षीय बेटा कम से कम एक साल तक सेना की वर्दी पहनना चाहता था। वह 2022 में अग्निवीर के रूप में सेना में चुना गया और शुक्रवार तड़के ड्यूटी के दौरान वह बलिदान हो गया।
माता-पिता को बताई पंजाब में है तैनाती
पिता श्रीधर ने बताया कि नाइक ने नासिक के देवलाली में सैन्य प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने कहा कि मुरली को ऑपरेशन सिंदूर के तहत जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था। हालांकि, उसने माता-पिता को बताया कि वह पंजाब में तैनात है, ताकि मौजूदा भारत-पाक संघर्ष के मद्देनजर वे घबराएं नहीं। उन्होंने बताया कि मुरली को पहले सिक्किम में तैनात किया गया था और बाद में कश्मीर भेज दिया गया।
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बलिदान होने से एक घंटे पहले माता-पिता को की थी वीडियो कॉल
पिता श्रीधर ने कहा कि हमें बेटे के बलिदान होने की खबर शुक्रवार सुबह 9 बजे मिली। हमें सेना के अधिकारियों ने फोन कर बेटे के बलिदान होने के बारे में बताया। अपना इकलौता चिराग बुझने की खबर सुनते ही मेरी पत्नी टूट गई। श्रीराम ने बताया कि सुबह 8 बजे नाइक ने वीडियो कॉल कर हमारा हालचाल पूछा था। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि बेटा अब हमारे बीच नहीं रहा।
32 सालों से कामराज नगर में रह रहा है परिवार
पिता श्रीधर नाइक ने बताया कि बेटा परिवार में कमाने वाला इकलौता था, क्योंकि वह दिहाड़ी मजदूर हैं। नाइक की मां घरेलू सहायिका हैं। वह पिछले 32 सालों से कामराज नगर में रह रहे हैं। नाइक घाटकोपर ईस्ट के कामराज नगर में ही पैदा हुआ और पला बढ़ा। उन्होंने बताया कि बाद में वह शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पैतृक गांव चला गया। पिता श्रीधर ने बताया कि मुरली के पार्थिव शरीर को पैतृक गांव में लाया जाएगा। जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। क्षेत्र के लोग नाइक को श्रद्धांजलि देने के लिए पैतृक गांव में पहुंचेंगे।
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अमित शाह-चंद्रबाबू नायडू और देवेंद्र फडणवीस ने नाइक को दी श्रद्धांजलि
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बलिदान जवान नाइक को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मुरली नाइक को मेरी श्रद्धांजलि। मैं उनके परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।' इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हालांकि उनका पैतृक स्थान आंध्र प्रदेश में है, लेकिन उनका परिवार लंबे समय से मुंबई में बसा हुआ है। हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके दुख को साझा करते हैं।' इसके अलावा, गृह मंत्री अमित शाह ने भी नाइक को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, 'मैं और घाटकोपर के सभी लोग नाइक परिवार के दुख को साझा करते हैं और नाइक परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिले। ओम शांति। राष्ट्र हमेशा शहीद स्वर्गीय मुरली नाइक के बलिदान को याद रखेगा।'
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