फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Andhra Pradesh Major action by security forces against Maoist activities a senior commander arrested

Andhra Pradesh: आंध्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, एक शीर्ष कमांडर गिरफ्तार

Mon, 18 Aug 2025 06:51 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 18 Aug 2025 06:51 AM IST
सार

आंध्र प्रदेश के अल्लूरी में सुरक्षा बलों ने माओवादी कमांडर चैतो उर्फ नरेश को गिरफ्तार किया। नरेश ओडिशा का निवासी है और 2011 में जन नाट्य मंडली से माओवादी संगठन में जुड़ा था। वह 2017 में कट-ऑफ बोइपारिगुडा दलम का कमांडर बना और डीसीएम के पद तक पहुंचा। नरेश आठ मुठभेड़ों में शामिल रहा है।

विज्ञापन
Andhra Pradesh Major action by security forces against Maoist activities a senior commander arrested
सुरक्षाबल (फाइल) - फोटो : एजेंसी

विस्तार

आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़े माओवादी नेता को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित बर्डार ने बताया कि गश्त के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वे भाग निकले। इस दौरान एक माओवादी को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए माओवादी की पहचान चैतो उर्फ नरेश के रूप में हुई है, जो ओडिशा के कोरापुट जिले के भालियापुट्टू गांव का रहने वाला है।

विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक नरेश ने 2011 में जन नाट्य मंडली से जुड़कर माओवादी विचारधारा को अपनाया था। 15 साल की उम्र में उसने संगठन में कदम रखा और धीरे-धीरे ऊंचे पद तक पहुंचा। 2017 में वह कट-ऑफ बोइपारिगुडा दलम का कमांडर बना और अब तक पेड़ाबयालु-कोरुकोंडा क्षेत्र समिति का सचिव और डिवीजनल कमेटी सदस्य (डीसीएम) था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- अध्ययन: समुद्र में दिखा दुर्लभ नजारा, अस्तित्व की मजबूती के लिए साथ आईं व्हेल-डॉल्फिन; 200 घटनाओं का विश्लेषण
विज्ञापन
विज्ञापन


एसपी बार्डर ने दी जानकारी

मामले में एसपी बार्डर ने आगे बताया कि नरेश आठ मुठभेड़ों में शामिल रहा है। उसके पास से 9 एमएम पिस्टल, 90 राउंड गोलियां, एक 303 रायफल मैगजीन, दो जिंदा 303 गोलियां और तीन किट बैग बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि माओवाद एक प्रतिबंधित विचारधारा है और जो भी माओवादी आत्मसमर्पण करेगा, उसे सरकार की पुनर्वास योजना के तहत मदद दी जाएगी। लेकिन अगर कोई माओवादियों को शरण या सहयोग देता है, तो उसके खिलाफ देशद्रोह जैसे गंभीर आरोपों में कार्रवाई की जाएगी।


ये भी पढ़ें:- Seat Ka Samikaran: बिहार के 16वें मुख्यमंत्री की सीट रही है झाझा, पिछले छह में से पांच चुनाव रहे जदयू के नाम

झारखंड में माओवादी कमांडर मुठभेड़ में ढेर
बता दें कि इससे पहले, 13 अगस्त को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा जंगल में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। झारखंड पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में माओवादी एरिया कमांडर अरुण उर्फ वरुण उर्फ निलेश मडकम मारा गया।

ऑपरेशन की अगुवाई झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की स्पेशल यूनिट ‘कोबरा 209 बटालियन’ ने मिलकर की। आईजी माइकल राज एस ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया गया था और मुठभेड़ के दौरान कुछ हथियार भी बरामद हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed