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Hindi News ›   India News ›   Andaman Nicobar woman suicide case: Supreme Court will put information related to police investigation on social media, hearing

अंडमान महिला आत्महत्या केस : सुप्रीम कोर्ट पुलिस जांच से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर डालने की करेगा सुनवाई

Sat, 23 Oct 2021 06:47 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 23 Oct 2021 06:47 AM IST
सार

याचिका में अंडमान निकोबार में एक महिला की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की भी मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र व अन्य को नोटिस जारी कर उनका पक्ष रखने को कहा है। 

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Andaman Nicobar woman suicide case: Supreme Court will put information related to police investigation on social media, hearing
supreme court - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट किसी आपराधिक जांच की खबर पुलिस अधिकारी के उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करने को लेकर नियम बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया। इस याचिका में अंडमान निकोबार में एक महिला की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की भी मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र व अन्य को नोटिस जारी कर उनका पक्ष रखने को कहा है। 

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जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष याचिका में कहा गया कि अंडमान निकोबार में एक महिला ने 30 जुलाई को आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसमें एक पुलिस अधिकारी समेत अन्य पर उससे जुड़ी एक जांच की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट किये जाने से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात कही गई।
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याचिका में मांग की गई स्पष्ट रूप से महिला द्वारा नाम लिए जाने के बाद भी इस मामले में जांच नहीं की गई। दरअसल इस महिला के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने इसकी जांच की थी और बाद में कोर्ट ने महिला को जमानत देदी। एक पुलिस अधिकारी ने इस जांच से जुड़ी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की थी।

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सभी राज्यों में सामुदायिक रसोईघर की याचिका सुनेगी सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में सामुदायिक रसोईघर बनवाने का निवेदन करनी याचिका की सुनवाई पर सहमति दे दी है। याचिका में देश भर से भुखमरी और कुपोषण खत्म करने के लिए रसोईघरों की स्थापना की मांग की गई है। सुनवाई 27 अक्तूबर से शुरू होगी। इसके लिए चीफ जस्टिस एनवी रमन की अध्यक्षता में जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच बनाई गई है।

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में बनी बेंच 27 अक्तूबर से करेगी सुनवाई
याचिककर्ताओं की वकील आशिमा मांडला ने कोर्ट में कहा कि कोरोना महामारी के चलते यह मामला महत्वपूर्ण हो चुका है। उन्हाेंने दावा किया कि देश में पांच साल से कम उम्र में मरने वाले 69 प्रतिशत बच्चे कुपोषण की वजह से जान गंवा रहे हैं। 38 प्रतिशत बच्चों का शारीरिक विकास ठीक से नहीं हो पा रहा। अगर सभी राज्य सरकारें सामुदायिक रसोईघर बनवाए तो सभी को पोषणयुक्त भोजन दे पाएगी। उन लोगों को भी मदद मिलेगी जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी वजह से शामिल नहीं हो पाते। 

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