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65 पूर्व नौकरशाहों ने लिखी खुली चिट्ठी, कहा- बंद करें गोरक्षा के नाम पर हिंसा
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Jun 2017 07:15 AM IST
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- फोटो : SELF
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पैंसठ पूर्व नौकरशाहों के एक दल ने सरकारी निकायों से अपील की है वे देश में ‘बढ़ते अति राष्ट्रवाद’ और ‘बढ़ते अधिनायकवाद’ को रोकने के लिए कदम उठाएं। कुछ हालिया घटनाओं की ओर से ध्यान दिलाते हुए उन्होंने खुली चिट्ठी में कहा है कि गोरक्षा के नाम पर हुई हिंसा ने उनमें एक गहरी बेचैनी पैदा की है। इसने उन्हें अपनी बातें और शिकायतें रखने के लिए प्रेरित किया है।
इन पूर्व नौकरशाहों की लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि देश में बढ़ते अति राष्ट्रवाद ने आलोचकों को पक्ष या विपक्ष में देखने का माहौल पैदा कर दिया है। माहौल ऐसा बना दिया गया है कि अगर आप सरकार के साथ नहीं है तो इसका मतलब आप राष्ट्र विरोधी हैं। साफ संदेश है कि कि जो सत्ता में हैं उनसे सवाल नहीं पूछे जा सकते।
उन्होंने सार्वजनिक संस्थाओं और संवैधानिक निकायों से अपील की है वे परेशान करने वाली इन प्रवृतियों की ओर ध्यान दें और इन्हें ठीक करने के कदम उठाएं। अपील में कहा गया है हम सबको फिर देश के संविधान के मूल्यों के बचाव में आगे आना होगा।
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चिट्ठी लिखने वालों में 91 वर्षीय आईएएस अफसर हर मंदर सिंह भी शामिल हैं। वह 1953 बैच के आईएएस अफसर रहे हैं। पूर्व संस्कृति सचिव और प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार, आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव ईएएस शर्मा और मुंबई पुलिस के चीफ जूलियो रिबेरो के भी चिट्ठी पर हस्ताक्षर हैं।
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इन पूर्व नौकरशाहों की लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि देश में बढ़ते अति राष्ट्रवाद ने आलोचकों को पक्ष या विपक्ष में देखने का माहौल पैदा कर दिया है। माहौल ऐसा बना दिया गया है कि अगर आप सरकार के साथ नहीं है तो इसका मतलब आप राष्ट्र विरोधी हैं। साफ संदेश है कि कि जो सत्ता में हैं उनसे सवाल नहीं पूछे जा सकते।
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उन्होंने सार्वजनिक संस्थाओं और संवैधानिक निकायों से अपील की है वे परेशान करने वाली इन प्रवृतियों की ओर ध्यान दें और इन्हें ठीक करने के कदम उठाएं। अपील में कहा गया है हम सबको फिर देश के संविधान के मूल्यों के बचाव में आगे आना होगा।
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चिट्ठी लिखने वालों में 91 वर्षीय आईएएस अफसर हर मंदर सिंह भी शामिल हैं। वह 1953 बैच के आईएएस अफसर रहे हैं। पूर्व संस्कृति सचिव और प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार, आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव ईएएस शर्मा और मुंबई पुलिस के चीफ जूलियो रिबेरो के भी चिट्ठी पर हस्ताक्षर हैं।