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अमित शाह बोले, 'यूपी में खिल जाएगा कमल, बस ये मंत्र याद कर लो'
अजय झंवर, ब्यूरो/अमर उजाला, कासगंज
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:57 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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मिशन-2017 को लेकर बूथ अध्यक्षों की पाठशाला में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने न केवल चुनाव जीतने के मंत्र दिए बल्कि इस दौरान कार्यकर्ताओं से उनके संघर्ष में साथ निभाने का वादा किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने बूथ अध्यक्षों को बूथ मालिक शब्द बोलकर न केवल सम्मान दिया बल्कि उनमें नए उत्साह का संचार भी किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने 30 मिनट के संबोधन में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। वहीं, कार्यकर्ताओं पर भी फोकस किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में कार्यकर्ताओं का महासागर इस बात का भरोसा देता है कि यूपी में कमल खिलेगा। उन्होंने बूथ स्तर तक मजबूती की बात करते हुए बूथ अध्यक्षों से मालिक के रूप में कार्य करने का आह्वान किया।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने चुनाव मंत्र का नारा देते हुए कहा कि बूथ जीता, चुनाव जीता। उन्होंने कार्यकर्ताओं को छह माह का समय देते हुए कहा कि हर बूथ पर बूथ समिति बनाई जाए। कमल के फूल को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य बूथ कमेटी बना ले।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शाह की इस पाठशाला में कई मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रधान पार्टी है। इसमें कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है। एक बूथ अध्यक्ष भी राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनाव बूथ जीतो विधानसभा जीतो के मंत्र के साथ लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की लड़ाई लड़े। किसी से न घबराएं, न डरें। भले ही कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा कायम क्यों न हो? भाजपा ऐसे कार्यकर्ताओं की लड़ाई लड़ेगी और सरकार बनने पर ये मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता परिक्रमा वादी नहीं, पराक्रमी बनें।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने 30 मिनट के संबोधन में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। वहीं, कार्यकर्ताओं पर भी फोकस किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में कार्यकर्ताओं का महासागर इस बात का भरोसा देता है कि यूपी में कमल खिलेगा। उन्होंने बूथ स्तर तक मजबूती की बात करते हुए बूथ अध्यक्षों से मालिक के रूप में कार्य करने का आह्वान किया।
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वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने चुनाव मंत्र का नारा देते हुए कहा कि बूथ जीता, चुनाव जीता। उन्होंने कार्यकर्ताओं को छह माह का समय देते हुए कहा कि हर बूथ पर बूथ समिति बनाई जाए। कमल के फूल को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य बूथ कमेटी बना ले।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शाह की इस पाठशाला में कई मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रधान पार्टी है। इसमें कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है। एक बूथ अध्यक्ष भी राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनाव बूथ जीतो विधानसभा जीतो के मंत्र के साथ लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की लड़ाई लड़े। किसी से न घबराएं, न डरें। भले ही कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा कायम क्यों न हो? भाजपा ऐसे कार्यकर्ताओं की लड़ाई लड़ेगी और सरकार बनने पर ये मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता परिक्रमा वादी नहीं, पराक्रमी बनें।
यूपी की सवा लाख बूथों की शाह खुद करेंगे परोक्ष निगरानी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बिहार विधानसभा चुनाव जैसे गलती न हो, इसके लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस सूबे की करीब सवा लाख बूथों की स्वयं परोक्ष निगरानी करेंगे।
इसी रणनीति के तहत शाह ने सूबे के छह अलग-अलग क्षेत्रों में बूथ कायकर्ता सम्मेलन के जरिए सीधे कार्यकर्ताओं से संपर्क साधने की योजना बनाई है। इसी कड़ी में कानपुर के बाद मंगलवार को ब्रज क्षेत्र के सम्मेलन का आयोजन हुआ। अन्य चार क्षेत्रों में भी इसी तरह के सम्मेलन के आयोजन की योजना है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बूथ सम्मेलन के बाद शाह नियमित रूप से सभी छह क्षेत्रों के अध्यक्षों और प्रभारियों से अपडेट लेते रहेंगे। इसके अलावा चुनाव से पहले बूथ से संबंधित तैयारियों का मौके पर औचक मुआयना भी करेंगे।
गौरतलब है कि बिहार में बूथ स्तर की कमेटियां तो बनी थी, मगर निगरानी के अभाव में पार्टी इसका सियासी लाभ नहीं ले पाई। चुनाव खत्म होने के बाद बूथ कमेटियों में कई तरह की खामियों की भी शिकायत शाह को मिली थी। यही कारण है कि शाह ने यूपी में बूथ प्रबंधन से सीधे खुद को जोड़ लिया है, जिससे इस मामले में नीचे से उपर तक सक्रियता और सावधानी बनी रहे।
बूथ स्तर पर मजबूती कायम करने के लिए शाह जल्द ही प्रदेश और केंद्र के वरिष्ठ नेताओं को भी औचक निरीक्षण के लिए भेजेंगे। इसके अलावा उन्होंने राज्य इकाई को केंद्र की महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ हासिल करने वाले लोगों और परिवारों को चिन्हित कर उनसे सीधा संपर्क साधने का निर्देश दिया है।
इसी रणनीति के तहत शाह ने सूबे के छह अलग-अलग क्षेत्रों में बूथ कायकर्ता सम्मेलन के जरिए सीधे कार्यकर्ताओं से संपर्क साधने की योजना बनाई है। इसी कड़ी में कानपुर के बाद मंगलवार को ब्रज क्षेत्र के सम्मेलन का आयोजन हुआ। अन्य चार क्षेत्रों में भी इसी तरह के सम्मेलन के आयोजन की योजना है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बूथ सम्मेलन के बाद शाह नियमित रूप से सभी छह क्षेत्रों के अध्यक्षों और प्रभारियों से अपडेट लेते रहेंगे। इसके अलावा चुनाव से पहले बूथ से संबंधित तैयारियों का मौके पर औचक मुआयना भी करेंगे।
गौरतलब है कि बिहार में बूथ स्तर की कमेटियां तो बनी थी, मगर निगरानी के अभाव में पार्टी इसका सियासी लाभ नहीं ले पाई। चुनाव खत्म होने के बाद बूथ कमेटियों में कई तरह की खामियों की भी शिकायत शाह को मिली थी। यही कारण है कि शाह ने यूपी में बूथ प्रबंधन से सीधे खुद को जोड़ लिया है, जिससे इस मामले में नीचे से उपर तक सक्रियता और सावधानी बनी रहे।
बूथ स्तर पर मजबूती कायम करने के लिए शाह जल्द ही प्रदेश और केंद्र के वरिष्ठ नेताओं को भी औचक निरीक्षण के लिए भेजेंगे। इसके अलावा उन्होंने राज्य इकाई को केंद्र की महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ हासिल करने वाले लोगों और परिवारों को चिन्हित कर उनसे सीधा संपर्क साधने का निर्देश दिया है।