Amit Shah: 'पीएम खुद कर रहे मिजोरम के विकास की निगरानी'; असम राइफल्स के मुख्यालय स्थानांतरण के गवाह बने शाह
अमित शाह ने मिजोरम में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें वेरेंगटे से आईजोल तक 4-लेन हाइवे, आईजोल से तुइपांग तक डबल-लेन हाइवे, और सैरंग रेलवे स्टेशन का विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि ये पहलकदमियां, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में अन्य परियोजनाएं, मिजोरम और पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए बनाई जा रही हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के लोगों को आश्वस्त किया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार एक विकसित, शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुंदर मिजोरम के प्रति प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी इस प्रगति की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति प्रेम का प्रतीत है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वे 78 बार उत्तर-पूर्व का दौरा कर चुके हैं। वे यहां असम राइफल्स के मुख्यालय के आइजोल से जोखावसंग स्थानांतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे ।शाह ने कहा, यह मिजोरम के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। समारोह में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गृहमंत्री का स्वागत किया। समारोह में असम राइफल्स के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, मिजोरम के डीजीपी अनिल शुक्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, मिजोरम सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी और असम राइफल्स के अधिकारी शामिल थे।
यह सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, सरकार कि जिम्मेदारी
शाह ने कहा, यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि मिजो लोगों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी का प्रतीक है। राज्य की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण, मिजो लोग पिछले 35 वर्षों से इस स्थानांतरण की मांग कर रहे थे। यह मांग, जो 30-35 वर्षों से चल रही थी, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण निर्णय के कारण पूरी होने जा रही है। यह मिजोरम के विकास के प्रति भारतीय सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 1890 में, आइजोल में पहला सैन्य शिविर स्थापित किया गया था, और तब से यह निर्णय आइजोल के विकास के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माना जाएगा।
पिछले 10 वर्ष में 78 बार बनाम 21 बार
शाह ने यह भी उल्लेख किया कि नरेंद्र मोदी सरकार पिछले 10 वर्षों से पूरे पूर्वोत्तर को मजबूत करने का एकजुट करने का हर प्रयास कर रही है। पूर्वोत्तर में पर्यटन से लेकर प्रौद्योगिकी, कृषि से लेकर उद्यमिता, नए विकास के आयाम स्थापित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, उनके अथक प्रयास से उत्तर-पूर्व में अभूतपूर्व शांति स्थापित हुई है। मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले, स्वतंत्रता से लेकर 2014 तक, भारत के सभी प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्व का दौरा 21 बार किया था, जबकि मोदी 78 बार उत्तर-पूर्व का दौरा कर चुके हैं। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्रियों ने भी इस दौरान 700 बार उत्तर पूर्व की यात्राएं कीं। विकास के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर-पूर्व में शांति स्थापित करने का काम भी किया है।
मिजोरम में हुआ अभूतपूर्व विकास
अमित शाह ने मिजोरम में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें वेरेंगटे से आईजोल तक 4-लेन हाइवे, आईजोल से तुइपांग तक डबल-लेन हाइवे, और सैरंग रेलवे स्टेशन का विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि ये पहलकदमियां, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में अन्य परियोजनाएं, मिजोरम और पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए बनाई जा रही हैं।
स्थानांतरण के लिए हुआ था समझौता
गौरतलब है कि 26 अक्तूबर 2024 को मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने घोषणा जानकारी दी थी कि असम राइफल्स और मिजोरम सरकार के बीच एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) 23 अक्टूबर 2024 को मिजोरम हाउस, नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ था। इसमें स्थानांतरण प्रक्रिया और भूमि हस्तांतरण की शर्तों को रेखांकित किया गया था। इसी समझौते के तहत आज आधिकारिक रूप से असम राइफल्स के मुख्यालय के आइजोल से जोखावसंग स्थानांतरण समारोह हुआ।
नन्हीं एस्तर ने जीता गृहमंत्री का दिल
वंदे मातरम... गाकर दुनिया का दिल जीतने वाली मिजोरम की नन्हीं एस्तरम नेम्ते ने शनिवार को बाकी लोगों के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दिल भी जीत लिया। जब नन्हीं एस्तरम वंदे मातरम गा रही थीं, वहां पर पूरी तरह सन्नाटा था। लोगों के साथ-साथ गृहमंत्री अमित शाह भी उनकी प्रस्तुति पर मंत्रमुग्ध हुए। तल्लीनता से उसका गायन सुन रहे थे। जब नन्हीं बच्ची ने वंदेमातरम गाना समाप्त किया तो शाह ने देर तक तालियां बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया।