{"_id":"6415e13a18c831201b00e4d9","slug":"amit-shah-said-in-gujarat-that-do-anything-in-life-but-dont-leave-your-mother-tongue-2023-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amit Shah: 'जीवन में कुछ भी करो, लेकिन अपनी मातृभाषा मत छोड़ो', गुजरात में बोले गृहमंत्री अमित शाह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Amit Shah: 'जीवन में कुछ भी करो, लेकिन अपनी मातृभाषा मत छोड़ो', गुजरात में बोले गृहमंत्री अमित शाह
Sat, 18 Mar 2023 09:35 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 18 Mar 2023 09:35 PM IST
सार
अमित शाह ने वड़ोदरा में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नई शिक्षा नीति की सराहना की और कहा कि इसमें बीआर अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य जैसे महापुरुषों के विचारों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
अमित शाह
- फोटो : Twitter@bjp4india
विस्तार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कई बार मातृभाषा को लेकर अपने बयान दे चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने मातृभाषा पर अपना बयान दिया है उन्होंने शनिवार को मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया और लोगों से इसका उपयोग करने में हीनता की भावना से बाहर निकलने का आग्रह किया और कहा कि मातृभाषा व्यक्तित्व विकास का एक साधन है।
विज्ञापन
अमित शाह ने वड़ोदरा में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नई शिक्षा नीति की सराहना की और कहा कि इसमें बीआर अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य जैसे महापुरुषों के विचारों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
भाषा एक अभिव्यक्ति है
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नई शिक्षा नीति में सयारी राव के सुलभ शिक्षा के बारे में विचार, महिला सशक्तिकरण पर सरदार पटेल के विचार और ज्ञान के लिए शिक्षा के संबंध में बीआर अंबेडकर के विचार भी शामिल हैं। अपने जीवन में कुछ भी करो, लेकिन अपनी मातृभाषा को मत छोड़ो। इस हीन भावना से बाहर निकलिए कि आपकी भाषा आपको स्वीकार नहीं करेगी। भाषा एक अभिव्यक्ति है।
विज्ञापन
मातृभाषा से बड़ा व्यक्तित्व निर्माण कोई नहीं कर सकता
आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति यदि अपनी भाषा में सोचता है तो वह अच्छा सोचता है। यदि वह अपना शोध करता है तो उसकी शोध की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। मातृभाषा से बड़ा व्यक्तित्व निर्माण का कोई माध्यम नहीं हो सकता। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप आगे आएं और मातृभाषा को स्वीकार करें।
पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को अनिवार्य कर दिया है
गृह मंत्री ने कहा कि मैं विदेशों के लोगों से मिलता हूं। जब वे मेरे साथ अंग्रेजी में बात करते हैं, तो मैं उनसे पूछता हूं कि आपके देश की भाषा कौन सी थी। वे थोड़ा नीचे देखते हैं, हमें यह भी नहीं पता कि हमारे देश की भाषा कौन सी थी। हमारे पास सबसे अच्छी भाषा है। साहित्य, व्याकरण और कविता हमारी भाषाओं में इसलिए पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा को अनिवार्य कर दिया है।