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नागरिकता (संशोधन) विधेयक को लेकर अमित शाह ने मुस्लिमों को किया आश्वस्त

Mon, 09 Dec 2019 10:02 PM IST
देव कश्यप डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला 
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला  Published by: देव कश्यप Updated Mon, 09 Dec 2019 10:02 PM IST
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Amit Shah reassures Muslims community about Citizenship Amendment Bill
Amit Shah - फोटो : ANI

अमित शाह ने सोमवार को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को लोकसभा में प्रस्तुत करते हुए कहा, इससे मुस्लिमों के अधिकारों का हनन नहीं होगा। एक सदस्य के सवाल के जवाब में कहा, यह संशोधन देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है। शाह बोले, जब देश आजाद हुआ था तो उस वक्त यदि धर्म के आधार पर विभाजन न हुआ होता तो आज इस बिल को लाने की जरूरत न पड़ती।

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आर्टिकल 371 के किसी भी प्रोविजन को यह बिल आहत नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने कहा, यदि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में रहने वाले मुसलमान भारत की नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी भी जांच की जाएगी।
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केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, यह संशोधन देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है, लेकिन घुसपैठियों की चिंता करना आवश्यक है। बिल के जरिए सकारात्मक रूप से अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को शरण में लिया जा सकेगा। इन तीनों देशों में मुसलमानों पर अत्याचार नहीं होता है, क्योंकि वहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं। देश में इस बिल के द्वारा किसी भी मुस्लिम के अधिकारों का हनन नहीं होगा। इस देश का विभाजन धर्म के आधार पर किया गया, इसलिए बिल में संशोधन की आवश्यकता है।
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अमित शाह बोले, भारत की जमीनी सीमा से सटे तीन देश हैं। इन देशों की लगभग 106 किलोमीटर की जमीनी सीमा भारत से सटी हुई है। तीनों ही देशों में हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्मों के लोग प्रताड़ित होकर भारत में शरण लेने के लिए आते हैं। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान राष्ट्रों से यदि कोई मुसलमान भी आवेदन करता है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी भी जांच की जाएगी। उस पर कानूनी प्रावधानों के तहत विचार किया जा सकेगा। आर्टिकल 371 के किसी भी प्रोविजन को यह बिल आहत नहीं करेगा। विपक्षी सदस्यों द्वारा इस बाबत जितने भी आर्टिकल का उल्लेख किया गया है, उन सभी को ध्यान में रखा गया है।

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