फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah inaugurates Indo-Pak border viewing point in Gujarat Nada Bet

पर्यटकों को बड़ी सौगात: अमित शाह ने गुजरात के नडाबेट में किया 'व्यूप्वाइंट' का उद्घाटन, जानें इसकी शानदार खूबियां

Sun, 10 Apr 2022 11:58 AM IST
संजीव कुमार झा एएनआई, बनासकांठा
एएनआई, बनासकांठा Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 10 Apr 2022 11:58 AM IST
सार

गुजरात पर्यटन वेबसाइट के अनुसार, नडा बेट, एक विशाल झील में जमी हुई भूमि का एक छोटा सा टुकड़ा है, जहां पर्यटकों के लिए बॉर्डर व्यू प्वॉइंट (सीमा देखने) का आयोजन किया जाता है।

विज्ञापन
Amit Shah inaugurates Indo-Pak border viewing point in Gujarat Nada Bet
अमित शाह - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा, सीमा पर्यटन से सीमा सुरक्षा को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा सीमादर्शन परियोजना नागरिकों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से जोड़ेगी और उनके प्रति सम्मान का भाव पैदा करेगी।

विज्ञापन


शाह ने गुजरात के बनासकांठा जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर नडाबेट में सीमादर्शन पर्यटन परियोजना का उद्घाटन किया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी इस मौके पर उनके साथ थे। पंजाब में वाघा अटारी सीमा पर होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ की तर्ज पर यहां सीमादर्शन में भी इसे शामिल किया गया है। 
विज्ञापन


शाह ने कहा, गुजरात में इस प्रकार की पर्यटन परियोजनाएं रोजगार के अवसर पैदा करने और सीमावर्ती गांवों से लोगों के पलायन को रोकने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई पहल की हैं। 125 करोड़ की लागत वाली सीमादर्शन परियोजना भी उनमें से एक है। देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों की याद में यहां अजय प्रहरी स्मारक भी बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानें इसकी खूबियां
1. नडाबेट सीमादर्शन हमारे वीरों की कहानियों को एक बार फिर हमारे सामने रखेगा। 
2. यह यात्रियों को भारत-पाक की सीमा पर एक सैन्य चौकी के कामकाज को देखने का अवसर प्रदान करता है 
3. विदेशी पक्षियों और वाच टावर से सूर्यास्त का भी लुफ्त उठा सकेंगे 
4.  हथियार प्रदर्शन और फोटो गैलरी में बंदूकें, टैंक और अन्य परिष्कृत उपकरणों की प्रदर्शनी
5. ऊंटों का शो प्रस्तुत किया जाएगा
6. यहां टूरिस्टों द्वारा अलग-अलग गतिविधियां की जा सकती हैं। जैसे कि यहां टी-जंक्शन है, जोकि सीमा दर्शन का प्रारंभिक बिंदु है। 
7. इसमें अजय प्रहार स्मारक सहित 10 से अधिक विभिन्न गतिविधियां हैं, जो रक्षा की पहली पंक्ति को श्रद्धांजलि है।
8. इसके अलावा यहां नाम, नमक, निशान के नाम से आर्ट गैलरी है। इसमें 100 तरह की प्रदर्शनी हैं। ऑडियो-विसुअल एक्स्पेरिंस जोन में विसिटर्स 1971 के भारत-पाक युद्ध के गौरवशाली अतीत की एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री देख सकते हैं। 
9. इसके अलावा यहां नाम, नमक, निशान के नाम से आर्ट गैलरी है। इसमें 100 तरह की प्रदर्शनी हैं। ऑडियो-विसुअल एक्स्पेरिंस जोन में विसिटर्स 1971 के भारत-पाक युद्ध के गौरवशाली अतीत की एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री देख सकते हैं। 
10. इसके अलावा यहां बीएसएफ को समर्पित एक संग्रहालय भी है, जहां मिग -27 लड़ाकू विमान और बीएसएफ स्तंभ है। इसके साथ सेल्फी भी ली जा सकती है।




जब-जब देश में आपदा आई तब BSF ने वीरता दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी: शाह
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि हर बार जब-जब देश में आपदा आई तब BSF ने वीरता दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। यहां आकर बच्चों के मन में भी देशभक्ति की भावना जगती है। यहां पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मैं बीएसएफ जवानों से कहना चाहता हूं कि आप लोगों की वजह से देश सीमाओं के भीतर सुरक्षित है इसलिए प्रगति कर रहा है, और दुनिया के सामने अपने कद में तेजी से बढ़ रहा है।  आप अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर हैं और देश की रक्षा करने के लिए चिलचिलाती रेगिस्तान में खड़े रहते हैं।



देश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाए सहकारी क्षेत्र 
केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गांधीनगर में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी डेयरी महासंघ (एनसीडीएफआई) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा, सहकारी क्षेत्र को भारत में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना चाहिए। शाह ने गुजरात की समृद्धि का श्रेय दुग्ध के क्षेत्र में सहकारिता को दिया। उन्होंने कहा, देशभर में इस मॉडल पर काम होना चाहिए। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार में काफी संभावनाएं हैं। शाह ने अपने लोकसभा क्षेत्र में नाबार्ड के कार्यक्रम के तहत मॉडल सहकारिता गांव का शुभारंभ भी किया।



राष्ट्रपति ने किया पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को गुजरात के पोरबंदर जिले के माधवपुर घेड गांव में पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह के मेलों, त्योहारों और तीर्थयात्राओं ने हमारे विशाल देश को प्राचीन काल से सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से एकजुट रखा है। 2018 से गुजरात सरकार और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पवित्र मिलन को मनाने के लिए प्रतिवर्ष इस मेले का आयोजन कर रहा है। राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि माधवपुर घेड का मेला और इस अवसर पर गुजरात के कई मंदिरों और उत्तर-पूर्व भारत में कई स्थानों पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का उत्सव है। मेला गुजरात को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से जोड़ता है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed