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एलएनजी से दौड़ी देश की पहली डुअल-फ्यूल ट्रेन: अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी, कहा- सुविधाओं-सुरक्षा में बड़ा बदलाव
Sun, 27 Sep 2026 01:29 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:29 PM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली एलएनजी से चलने वाली ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान साबरमती डिवीजन की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। अमित शाह ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने के साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बढ़ाना है।
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एलएनजी से दौड़ी देश की पहली डुअल-फ्यूल ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने साबरमती डिवीजन में भारतीय रेलवे की कई परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इस कार्यक्रम में अमित शाह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि साबरमती डिवीजन में शुरू की गई विभिन्न रेलवे परियोजनाएं पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेंगी।
रेलवे की पूरी टीम को दी बधाई
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली से यात्रा करते समय वह कई बार साबरमती रेलवे स्टेशन पर उतर चुके हैं। लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने रेलवे के अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी। अमित शाह ने कहा, "साबरमती रेलवे डिवीजन से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई। इतने लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन को इस रूप में देखना बेहद खास है।"
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उन्होंने कहा कि यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। उनके मुताबिक, स्टेशन और रेलवे से जुड़ी सुविधाओं में व्यापक परिवर्तन किया गया है। अमित शाह ने कहा, "यात्री सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में व्यापक बदलाव किया गया है।"
1472 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात
उन्होंने बताया कि रविवार को जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और जिनकी आधारशिला रखी गई, उनमें कुल 1,472 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। अमित शाह ने कहा कि इन परियोजनाओं से इस क्षेत्र के यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने रेलवे की ओर से शुरू की जा रही सुविधाओं को यात्री सुविधा, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
साबरमती रेलवे स्टेशन और आसपास का रेल ढांचा गुजरात में चल रही बड़ी रेलवे परियोजनाओं का भी हिस्सा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत साबरमती को मल्टीमॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बुलेट ट्रेन, मेट्रो, बीआरटीएस और रेलवे नेटवर्क को जोड़ा जाना है।
डीजल की खपत में करीब 40% कमी की उम्मीद
रेलवे के मुताबिक, एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन वाली प्रणाली अपनाने से डीजल की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। इससे ईंधन लागत घटने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर के उत्सर्जन में भी कमी आएगी। साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो की 1,400-1,400 हॉर्सपावर क्षमता वाली दो ड्राइविंग पावर कारों को एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन प्रणाली में बदला गया है। इनका इस्तेमाल आठ कोच वाली ट्रेन के संचालन में किया जाएगा।
हर इंजन से करीब 11.9 लाख रुपये सालाना बचत का अनुमान
रेलवे के अनुसार, एलएनजी के इस्तेमाल से डीजल की तुलना में ईंधन लागत कम होने की उम्मीद है। प्रत्येक इंजन से सालाना करीब 11.9 लाख रुपये की बचत का अनुमान है। दो इंजनों के स्तर पर यह बचत करीब 23.9 लाख रुपये सालाना बैठती है। एलएनजी आधारित परिचालन से कार्बन उत्सर्जन के अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य प्रदूषक उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे रेलवे के परिचालन को अधिक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
जरूरत के मुताबिक एलएनजी और डीजल का इस्तेमाल
दोहरे ईंधन वाली प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पारंपरिक डीजल इंजन की शक्ति, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता बरकरार रहे। इंजन एलएनजी और डीजल दोनों पर चल सकता है और जरूरत के अनुसार दोनों ईंधनों के बीच स्विच कर सकता है। यदि किसी स्थान पर एलएनजी उपलब्ध नहीं हो, तो ट्रेन को डीजल पर चलाया जा सकेगा। इससे ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी समस्या के कारण लंबी दूरी के परिचालन में रुकावट की संभावना कम होगी।
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इस कार्यक्रम में अमित शाह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि साबरमती डिवीजन में शुरू की गई विभिन्न रेलवे परियोजनाएं पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेंगी।
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रेलवे की पूरी टीम को दी बधाई
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली से यात्रा करते समय वह कई बार साबरमती रेलवे स्टेशन पर उतर चुके हैं। लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने रेलवे के अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी। अमित शाह ने कहा, "साबरमती रेलवे डिवीजन से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई। इतने लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन को इस रूप में देखना बेहद खास है।"
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LIVE: Home Minister Amit Shah Flags Off India’s First LNG-Diesel Dual-Fuel Train in Gujarat #AmitShah #Gujarat #LNGTrainhttps://t.co/G7pM4FkEyn
— ANI (@ANI) September 27, 2026
उन्होंने कहा कि यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। उनके मुताबिक, स्टेशन और रेलवे से जुड़ी सुविधाओं में व्यापक परिवर्तन किया गया है। अमित शाह ने कहा, "यात्री सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में व्यापक बदलाव किया गया है।"
1472 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात
उन्होंने बताया कि रविवार को जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और जिनकी आधारशिला रखी गई, उनमें कुल 1,472 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। अमित शाह ने कहा कि इन परियोजनाओं से इस क्षेत्र के यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने रेलवे की ओर से शुरू की जा रही सुविधाओं को यात्री सुविधा, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
साबरमती रेलवे स्टेशन और आसपास का रेल ढांचा गुजरात में चल रही बड़ी रेलवे परियोजनाओं का भी हिस्सा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत साबरमती को मल्टीमॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बुलेट ट्रेन, मेट्रो, बीआरटीएस और रेलवे नेटवर्क को जोड़ा जाना है।
डीजल की खपत में करीब 40% कमी की उम्मीद
रेलवे के मुताबिक, एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन वाली प्रणाली अपनाने से डीजल की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। इससे ईंधन लागत घटने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर के उत्सर्जन में भी कमी आएगी। साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो की 1,400-1,400 हॉर्सपावर क्षमता वाली दो ड्राइविंग पावर कारों को एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन प्रणाली में बदला गया है। इनका इस्तेमाल आठ कोच वाली ट्रेन के संचालन में किया जाएगा।
हर इंजन से करीब 11.9 लाख रुपये सालाना बचत का अनुमान
रेलवे के अनुसार, एलएनजी के इस्तेमाल से डीजल की तुलना में ईंधन लागत कम होने की उम्मीद है। प्रत्येक इंजन से सालाना करीब 11.9 लाख रुपये की बचत का अनुमान है। दो इंजनों के स्तर पर यह बचत करीब 23.9 लाख रुपये सालाना बैठती है। एलएनजी आधारित परिचालन से कार्बन उत्सर्जन के अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य प्रदूषक उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे रेलवे के परिचालन को अधिक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
जरूरत के मुताबिक एलएनजी और डीजल का इस्तेमाल
दोहरे ईंधन वाली प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पारंपरिक डीजल इंजन की शक्ति, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता बरकरार रहे। इंजन एलएनजी और डीजल दोनों पर चल सकता है और जरूरत के अनुसार दोनों ईंधनों के बीच स्विच कर सकता है। यदि किसी स्थान पर एलएनजी उपलब्ध नहीं हो, तो ट्रेन को डीजल पर चलाया जा सकेगा। इससे ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी समस्या के कारण लंबी दूरी के परिचालन में रुकावट की संभावना कम होगी।