फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   UPI Fee Case: MDR on Payments Above 2000rs Reaches Supreme Court, Hearing Tomorrow

यूपीआई शुल्क मामला: दो हजार रुपये से ज्यादा भुगतान पर एमडीआर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, कल होगी सुनवाई

Sun, 27 Sep 2026 02:33 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 27 Sep 2026 02:33 PM IST
सार

यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा कारोबारी भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने की नई व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई 28 सितंबर को होगी। यह शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होना है। याचिकाकर्ता ने इस व्यवस्था को क्यों चुनौती दी है? क्या सुप्रीम कोर्ट इस पर रोक लगाने या बदलाव का रास्ता खोल सकता है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
UPI Fee Case: MDR on Payments Above 2000rs Reaches Supreme Court, Hearing Tomorrow
यूपीआई शुल्क मामला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत 28 सितंबर को इस व्यवस्था को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी। केंद्र ने 14 सितंबर को संबंधित अधिसूचना जारी की थी और 15 सितंबर को एमडीआर का ढांचा घोषित किया गया था। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में किस याचिका पर होगी सुनवाई?
अधिवक्ता अंजन दत्ता ने जनहित याचिका दाखिल कर केंद्र के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर को घोषित एमडीआर व्यवस्था को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की 28 सितंबर की कार्यसूची के मुताबिक, मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ करेगी। याचिका में कहा गया है कि यह शुल्क पर्याप्त कानूनी सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श के बिना लागू किया गया है।
विज्ञापन


2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के तहत सामान्य व्यक्ति से कारोबारी यानी पी2एम यूपीआई भुगतान में 2,000 रुपये से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाया जाएगा। यह शुल्क 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। वहीं, रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि संबंधी जरूरी क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रति लेनदेन 5 रुपये का एमडीआर तय किया गया है। शेयर बाजार, प्रतिभूति और म्यूचुअल फंड से जुड़े भुगतान पर 0.02 प्रतिशत एमडीआर होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या हर यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगेगा?
इस व्यवस्था में व्यक्ति से व्यक्ति यानी पी2पी यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। 2,000 रुपये तक के निर्धारित यूपीआई भुगतान भी शुल्क से बाहर रहेंगे। यानी प्रस्तावित एमडीआर का असर मुख्य रूप से तय सीमा से अधिक के व्यक्ति से कारोबारी भुगतान पर पड़ेगा। एमडीआर सीधे ग्राहक से लिया जाने वाला सामान्य यूपीआई शुल्क नहीं है, बल्कि यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े कारोबारी लेनदेन पर लागू होने वाला शुल्क है।

याचिका में एमडीआर को लेकर क्या सवाल उठाए गए?
याचिका में संशोधित भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10ए की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस प्रावधान से कार्यपालिका को यह तय करने की पर्याप्त स्पष्ट सीमा नहीं मिलती कि किन इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों को शुल्क से छूट मिलेगी। याचिका में यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के बीच अलग-अलग व्यवस्था पर भी सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने एमडीआर व्यवस्था को रद्द या स्थगित करने की मांग की है।


याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की?
याचिका में वैकल्पिक तौर पर एमडीआर व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की गई है। इसके लिए पारदर्शी परामर्श, आंकड़ों का प्रकाशन और प्रभाव का आकलन कराने की बात कही गई है। याचिका में छोटे और सूक्ष्म कारोबारियों के लिए सुरक्षा उपायों की मांग भी की गई है। साथ ही कहा गया है कि भविष्य में एमडीआर तय करते समय कारोबारी का कारोबार, एमएसएमई की स्थिति, वास्तविक मुनाफा, क्षेत्र और शुल्क वहन करने की क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। अब 28 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस चुनौती पर सुनवाई करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed