पहली पुण्यतिथि: पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को राष्ट्रपति, पीएम मोदी और शाह ने दी श्रद्धांजलि
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Remembering Atal Ji on his Punya Tithi. His thoughts and words live on. We will always cherish his contribution to India’s development.
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Paid tributes to Atal Ji at Sadaiv Atal this morning. pic.twitter.com/RRZFnlcfTT — Narendra Modi (@narendramodi) August 16, 2019
इसके साथ ही वाजपेयी के बेटी नमिता कौल भट्टाचार्य और नातिन निहारिका ने भी स्मारक स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा के कई बड़े नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। भाजपा के ट्विटर अकाउंट से अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए ट्वीट किया, 'भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष, असंख्य कार्यकर्ताओं के पथ प्रदर्शक और हमारे प्रेरणा स्रोत भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि।'
बता दें लंबे समय से बीमार रहने के बाद वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया था।
Delhi: Late #AtalBihariVajpayee's daughter Namita Kaul Bhattacharya and granddaughter Niharika arrive at 'Sadaiv Atal', on the former Prime Minister's first death anniversary today. pic.twitter.com/6WU2SfPkmF
— ANI (@ANI) August 16, 2019
ममता ने वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके शब्दों को याद करें : ‘बंदूक से कोई समस्या हल नहीं हो सकती। मुद्दों को इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के तीन सिद्धांतों से ही हल किया जा सकता है।’’
'सदैव अटल'
'सदैव अटल' समाधि के केंद्रीय मंच में चौकोर और काली पॉलिश वाले ग्रेनाइट के नौ ब्लॉक लगे हैं, जिसके केन्द्र में एक दीया रखा गया है – यह नौ की संख्या नवरसों,नवरात्रों और नवग्रहों का प्रतिनिधित्व करती है। नौ चौकोर पत्थरों की इस समाधि का मंच एक गोलाकार कमल के आकार में है। मंच तक चार प्रमुख दिशाओं से पहुंचा जा सकता है। इसके लिए सफेद मिश्रित टाइलों से मार्ग बनाये गए हैं ताकि फर्श गर्म न हो।
समाधि के निर्माण में देश के विभिन्न हिस्सों से लाए गए पत्थरों का उपयोग किया गया था। समाधि के केंद्र में बनाया गया दीया, खम्मम से प्राप्त लैदर फिनिश काले ग्रेनाइट पत्थर से बना है।
दीये की लौ क्रिस्टल में बनाई गई हैं जिसमें एलईडी लाइटें लगी हैं। अंदरूनी पंखुडियाँ और बाहरी पंखुडियॉं और पंखुडियों के बीच का स्थान जो बाहरी परिक्रमा का एक हिस्सा है, उसे क्रिस्टल येलो और नियो कॉपर ग्रेनाइट की रंग संरचना में रखा गया है।