फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah accept our defeat in Delhi elections. Says, 'Desh ke gadaron ko' should not have been made

अमित शाह ने दिल्ली चुनाव की हार स्वीकारी, कहा-'देश के गद्दारों...' जैसे बयानों से हुआ नुकसान

Thu, 13 Feb 2020 08:27 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Thu, 13 Feb 2020 08:27 PM IST
सार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाल में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं को ‘गोली मारो’ और ‘भारत-पाकिस्तान मैच’ जैसे बयान नहीं देने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा केवल जीत या हार के लिए चुनाव नहीं लड़ती है बल्कि चुनावों के जरिए वह अपनी विचारधारा के विस्तार में विश्वास करती है।

विज्ञापन
Amit Shah accept our defeat in Delhi elections. Says, 'Desh ke gadaron ko' should not have been made
Amit Shah - फोटो : ANI

विस्तार

एक अंग्रेजी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में शाह ने कहा कि गोली मारो और भारत-पाकिस्तान मैच जैसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे। हमारी पार्टी ऐसे बयानों से खुद को दूर रखती है। उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्ली चुनाव में पार्टी के कुछ नेताओं के बयानों के चलते भाजपा को नुकसान हुआ।

विज्ञापन


साथ ही कहा कि दिल्ली चुनाव को लेकर उनका आकलन गलत साबित हुआ लेकिन उन्होंने इस चुनाव परिणाम को नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर पर जनादेश मानने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति नागरिकता कानून पर उनसे चर्चा करना चाहता है, वह उनके कार्यालय से वक्त ले सकता है। हम उन्हें तीन दिन के अंदर वक्त देंगे।

इस कानून का पुरजोर बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में सताए हुए गैर मुस्लिमों को नागरिकता देता है न कि किसी की नागरिकता छीनता है। उन्होंने कहा कि हम धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एनआरसी पर अभी फैसला नहीं

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक पूरे देश में एनआरसी लागू करने का कोई फैसला नहीं लिया है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि जो भी लोग राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर या एनपीआर के दौरान दस्तावेज नहीं दिखाना चाहते हैं, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में एनआरसी का वादा किया था।

सभी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक

नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि देश के हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का हक है लेकिन हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि हम गैर हिंसक प्रदर्शनों को बर्दास्त कर सकते हैं लेकिन हिंसा को नहीं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है। 

राजनेता समेत सभी लोग जम्मू-कश्मीर जाने को स्वतंत्र

जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर शाह ने कहा कि राजनेताओं समेत सभी लोग नवगठित केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करने के लिए स्वतंत्र हैं। लोग जब चाहे तब जा सकते हैं, किसी के भी जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इन तीनों पर पीएसए लगाने का फैसला स्थानीय प्रशासन ने लिया है। उमर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस पर न्यायपालिका को फैसला लेने दीजिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed