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Visa: खुद को भारतीय छात्रों के लिए भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश कर रहा जर्मनी, आवेदनों में 35% की वृद्धि

Tue, 10 Jun 2025 11:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 10 Jun 2025 11:10 PM IST
सार

Visa: जर्मनी ने खुद को भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका की तुलना में एक स्थिर और भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश किया है। भारत से जर्मन विश्वविद्यालयों में आवेदनों में 35% वृद्धि हुई है। जर्मन राजदूत ने वहां की पारदर्शी, बिना ट्यूशन फीस वाली शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया। 
 

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Amid US visa ban, applications from Indian students to German universities rise by 35 per cent
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

अमेरिका में छात्र वीजा प्रक्रियाओं को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच जर्मनी खुद को भारतीय छात्रों के लिए एक स्थिर और विश्वसनीय विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। भारत स्थित जर्मन दूतावास ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में भारत से जर्मन विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आने वाले आवेदनों में 35 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
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मंगलवार को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में जर्मन राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने कहा, भारतीय छात्रों को अन्य देशों में जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वह जर्मनी के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में देखने को नहीं मिलेगा। पिछले कुछ महीनों में आवेदनों में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्तमान में लगभग 50,000 भारतीय छात्र जर्मनी में अध्ययन कर रहे हैं, जिससे यह अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारतीयों के लिए शीर्ष पांच अध्ययन स्थलों में से एक बन गया है।
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दूसरे देशों में बढ़ती जांच-पड़ताल के बारे में एक सूक्ष्म टिप्पणी करते हुए राजदूत एकरमैन ने भारतीय छात्रों को जर्मनी की पारदर्शी और स्थिर प्रणाली का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, हम एक बहुत ही विश्वसनीय भागीदार हैं। जब जर्मनी में अध्ययन या शोध की बात आती है, तो हम आपके आने से पहले आपके सोशल मीडिया की जांच नहीं करते हैं। राजदूत ने यह भी बताया कि जर्मनी में ज्यादातर सरकारी विश्वविद्यालय ट्यूशन फीस नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि शिक्षा एक सार्वजनिक वस्तु है, न कि कारोबार का अवसर।

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