चीन को सीमा पर मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी, सेना ने गर्म कपड़ों से लेकर तंबू तक का किया स्टॉक
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी सीमा विवाद के बीच भारतीय सेना ने यहां लंबे समय तक तैनाती के लिए कमर कस ली है। भारतीय सेना ने यहां कड़ाके की सर्दियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सेना ने अपने जवानों के लिए गर्म कपड़ों को तैयार कर लिया है, जिनसे -50 डिग्री के तापमान में भी यहां डटे रहा जा सकता है।
सेना ने हर उस साजो-सामान का स्टॉक कर लिया है, जो सर्दियों के दौरान अपने जवानों को सुरक्षित और सतर्क रखने के लिए आवश्यक है। सेना उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को बहुस्तरीय कपड़े प्रदान कर रही है।
भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, इन कपड़ों से न केवल जवानों को मौसम से सुरक्षित रहने में मदद मिलेगी, बल्कि यह उन्हें दुश्मन से छिपने में भी मदद करेगा। ये कई प्रकार के उपकरणों से भी सुसज्जित हैं, जिनकी जवानों को पहाड़ों पर चढ़ने या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आराम से चलने के लिए आवश्यकता होती है।
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कपड़ों की पहली परत में आंतरिक पतलून और गहरे रंग की जैकेट है, जबकि दूसरी परत में हरे रंग की जैकेट और पतलून का एक और सेट उन्हें प्रदान किया जाता है। इसी तरह, तीसरी परत पर, जो बाहरी परत भी है। इसे एक जवान को विशेष रंगों के जूते के साथ एक सफेद रंग की जैकेट और पतलून के साथ पहनना पड़ता है।
सेना का विशेष तंबू
इन इलाकों में आवास के लिए भारतीय सेना के पास बड़े से लेकर छोटे साइज तक के तंबू का पर्याप्त स्टॉक है। बड़े तंबू में लगभग एक दर्जन जवान ठहर सकते हैं, जबकि छोटा तंबू एक जवान के लिए होता है। इन तंबुओं में हीटर होते हैं और ये -50 डिग्री तापमान में भी जवानों को गर्म और सुरक्षित रख सकते हैं।
ये तंबू कई परतों से बने होते हैं। तंबू की बाहरी परत वाटरप्रूफ है, जबकि अंदर की परत रजाई के कपड़े से बनी होती है जो तापमान को अधिक रखने में मदद करती है। साथ ही, ये तंबू सौर पैनलों से भी सुसज्जित हैं, जिसके माध्यम से जवानों की बिजली की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
लेफ्टिनेंट कर्नल मोनार्क साध ने कहा, यह लद्दाख का सबसे बड़ा डिपो है जहां हमारे पास विशेष तंबू, कपड़े, हीटिंग उपकरण आदि हैं, जो हम जवानों को प्रदान करते हैं। ऊंचाई के लिए छोटे और बड़े अलग-अलग तंबू हैं। ये हमारे सभी जवानों को प्रदान किए गए हैं।
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लद्दाख में सीमा पर तनाव के बीच, भारतीय सेना ने सैनिकों को ईंधन की आपूर्ति करने और सर्दियों के मौसम के उन्हें ठंड से बचाने के लिए लद्दाख में तेल डिपो का स्टॉक किया है। भारत और चीन के बीच कई दौर की वार्ता विफल रहने के बाद अब भारतीय पक्ष ने उच्च पर्वतीय क्षेत्र में दीर्घकालिक तैनाती के लिए खुद को तैयार किया है।