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Politics: आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग ने फिर जोर पकड़ा, 10 साल पहले BJP ने किया था वादा

Thu, 06 Jun 2024 11:56 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 06 Jun 2024 11:56 PM IST
सार

Politics: केंद्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए राजग को एन. चंद्रबाबू नायडू की तेदेपा का समर्थन जरूरी हो गया है। ऐसे में आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। 

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Amid TDP’s crucial support at Centre, demand for Special category Status to Andhra comes to fore
एन. चंद्रबाबू नायडू - फोटो : एएनआई

विस्तार

आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की लंबे समय से लंबित मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। दरअसल, केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के गठन के लिए एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) का समर्थन महत्वपूर्ण हो गया है। लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश में तेदेपा ने 16 और जनसेना ने 2 सीट पर जीत दर्ज की है। केंद्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए ये सीट महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इस बार भाजपा के पास अपने बलबूते सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। 

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पूर्व आईपीएस अधिकारी और जय भारत नेशनल पार्टी के संस्थापक वी.वी.लक्ष्मीनारायण ने कहा, यह आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग करने उपयुक्त मौका है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषक तेलकापल्ली रवि ने कहा कि तेदेपा को भाजपा से आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करनी चाहिए। साल 2014 के आम चुनाव में चुनाव अभियान के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा। 

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जून 2019 में कहा था कि केंद्र सरकार के पास आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा था कि ओडिशा , राजस्थान, बिहार, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से अनुरोध प्राप्त हुए हैं। भाजपा बीते दस वर्षों में अपने वादे पर खरी नहीं उतरी और यहां तक कह गई कि विशेष राज्य का दर्जा एक बंद अध्याय था, जिसे एक विशेष पैकेज से बदल दिया गया था, जिसका चंद्रबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री (2014-18) रहते स्वागत किया था। 

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निवर्तमान मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विशेष पैकेज स्वीकार करने के लिए नायडू की आलोचना की थी। बाद में तेदेपा ने यू-टर्न लिया और विशेष राज्य के दर्जे की मांग केंद्र के सामने रखी और फिर 2018 में राजग से संबंध तोड़ दिए थे। वरिष्ठ पत्रकार एस नागेश कुमार ने कहा कि तेदेपा को विशेष राज्य का दर्जा या विशेष पैकेज की मांग करने के बजाय राजधानी अमरावती के निर्माण और पोलावरम परियोजना को पूरा करने के लिए पैसे की मांग ज्यादा फोकस करना चाहिए। 

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