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Maharashtra: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री को लेकर संशय बरकरार, महायुति नेताओं के बीच सामने आए मतभेद

Sun, 01 Dec 2024 10:31 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 01 Dec 2024 10:31 PM IST
सार

Maharashtra: शिवसेना के विधायक गुलाबराव पाटिल ने कहा कि अगर महायुति में राकांपा शामिल नहीं होती, तो एकनाथ शिंदे की पार्टी को 90-100 सीटें मिल सकती थीं। इस पर राकांपा के प्रवक्ता अमोल मितकरी ने पलटवार किया। 

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Amid suspense on Maharashtra CM, Mahayuti leaders shoot off their mouths
गुलाबराव पाटिल - फोटो : एक्स/गुलाबराव पाटिल

विस्तार

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारी जीत के एक हफ्ते बाद भी महायुति गठबंधन सरकार बनाने की प्रक्रिया में उलझी हुई है। इस बीच, रविवार को गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। इस गठबंधन को 288 सदस्यीय विधानसभा में 230 सीटों पर जीत हासिल हुई है। इसमें भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीटें मिलीं। 
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90-100 सीटें जीत सकती थी शिवसेना: गुलाबराव पाटिल
शिवसेना के विधायक गुलाबराव पाटिल ने रविवार को कहा कि अगर महायुति में राकांपा शामिल नहीं होती, तो एकनाथ शिंदे की पार्टी को 90-100 सीटें मिल सकती थीं। पाटिल ने कहा, हमने (शिवसेना) सिर्फ 85 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अजित दादा के बगैर हम 90-100 सीटें जीत सकते थे। शिंदे ने कभी नहीं पूछा कि अजित पवार की पार्टी को उनकी सरकार में क्यों शामिल किया गया। उन्होंने शिंदे की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक उदार दिल वाले व्यक्ति हैं, जो शिकायत करने में नहीं, बल्कि संघर्ष करने में भरोसा रखते हैं। 
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राकांपा प्रवक्ता अमोल मितकर का पाटिल पर पलटवार
पाटिल के बयान पर पलटवार करते हुए राकांपा के प्रवक्ता अमोल मितकरी ने कहा कि पाटिल को अपनी जुबान पर काबू रखना चाहिए। मितकरी ने यह भी कहा कि पाटिल को पहले यह सोचना चाहिए कि उन्हें मंत्रालय में शामिल किया जाएगा या नहीं। इस बार उनके मंत्री बनने की कम उम्मीद है। 
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शिवसेना नेता संजय गायकवाड़ ने सहयोगियों पर साधा निशाना
महायुति के अंदर एक और जुबानी जंग में शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने अपने साथी और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और भाजपा के संजट कुटे पर निशाना साधा। गायकवाड़ ने 20 नवंबर को हुए चुनावों में शिवसेना के उम्मीदवार जयश्री शेलके के खिलाफ महज 841 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।

'जाधव ने मेरे खिलाफ शेलके को मैदान में उतारने को कहा'
उन्होंने कहा, जाधव ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी से संपर्क किया और उन्हें शेलके को मेरे खिलाफ मैदान में उतारने के लिए कहा। कुटे ने भी शिवसेना (यूबीटी) के नेता अनिल परब को फोन कर यही आग्रह किया। मेरी पार्टी या गठबंधन का एक भी जिला स्तर का नेता मेरे साथ नहीं था। उन्होंने आगे पूछा, कुटे ने क्यों आधी रात शेलके से मुलाकात की? गठबंधन के नेता ऐसा बर्ताव क्यों करते हैं? जाधव बुलढाणा से लोकसभा सांसद हैं और नरेंद्र मोदी सरकार में आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री हैं। कुटे ने 20 नवंबर के चुनाव में जलगांव (जामोड) से जीत हासिल की। 

.... तो अब तक की सबसे बड़ी जीत होती: रावसाहेब दानवे
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कहा कि अगर भाजपा और शिवसेना (अविभाजित) ने विधानसभा चुनाव में गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा होता, तो यह महायुति को मिली जीत से कहीं ज्यादा बड़ी होती। मुंबई में भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद दानवे ने कहा, शिवसेना का विभाजन संजय राउत के कारण हुआ। आप छह महीने का इंतजार करें। वह उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के बीच भी मतभेद पैदा करेंगे। 


दानवे ने कहा, अगर शिवसेना का विभाजन नहीं हुआ होता और उसने भाजपा के साथ चुनाव लड़ा होता, तो अब तक की सबसे बड़ी जीत होती। 2019 में भी हमने विधानसभा चुनाव आराम से जीत लिया था। 

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