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कोरोना के बीच भारत-जापान चंद्र मिशन की तैयारी में जुटे, इसरो करेगा लैंडर निर्माण की अगुवाई

Sat, 13 Jun 2020 11:24 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 13 Jun 2020 11:24 AM IST
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Amid Coronavirus pandemic India-Japan Moon mission takes shape, Isro to lead lander tech with jaxa
लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन - फोटो : JAXA

भारत और जापान दोनों ही देश कोरोना वायरस महामारी से जंग लड़ रहे हैं, लेकिन इस दौरान दोनों देश मिलकर एक चंद्र मिशन की तैयारी में भी जुटे हुए हैं। इस मिशन को 'लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन' (एलपीई) नाम दिया गया है। 

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इस अभियान के तहत लैंडर और रोवर को पहली बार चंद्रमा की सतह पर उतारा जाएगा। अभियान से जुड़े दस्तावेजों से पता चला है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) लैंडर के निर्माण की अगुवाई करेगा। 
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जापान की अंतरिक्ष एजेंसी 'जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी' (जाक्सा) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस मिशन को 2023 के बाद लॉन्च किया जाएगा क्योंकि वर्तमान में इसरो मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम (गगनयान) को लेकर काम कर रहा है। इसकी लॉन्चिंग 2022 में की जानी है। 
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जाक्सा द्वारा साझा किए गए डायग्राम से पता चलता है कि जापान लैंडिग मोड्यूल और रोवर को बनाने का काम करेगा, जबकि इसरो लैंडर सिस्टम को तैयार करेगा। इस मिशन को जापान से लॉन्च किया जाएगा और इसकी लॉन्चिंग के लिए एच3 रॉकेट को निर्धारित किया गया है। जिसे मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा बनाया गया है। 

इस मिशन के बारे में सबसे पहले 2017 में बंगलूरू में जानकारी दी गई थी, जहां एक बहु-अंतरिक्ष एजेंसियों की बैठक का आयोजन किया गया था। यह मिशन साल 2018 की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान अंतर-सरकारी चर्चाओं का भी हिस्सा था।

अब, इस वर्ष की शुरुआत में स्थापित की गई एक प्री-प्रोजेक्ट टीम सहयोगी मिशन के लिए एक व्यापक प्रबंधन योजना विकसित करने पर काम कर रही है। यह टीम स्पेसक्राफ्ट सिस्टम के लिए आवश्यक चीजों और इसरो के साथ मिलकर विभिन्न इंटरफेस विशिष्टताओं की जांच करेगी। 


जाक्सा ने कहा कि अवलोकन संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण से हमें चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में पानी के अस्तित्व का पता चलता है। जाक्सा इसरो के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि वहां मौजूद जल संसाधनों की मात्रा और रूपों पर डाटा प्राप्त करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सहयोगी मिशन की योजना बनाई जा सके। जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि हम इन संसाधनों का उपयोग भविष्य में स्थायी अंतरिक्ष अन्वेषण गतिविधियों के लिए कर सकेंगे। 

मिशन का उद्देश्य उन क्षेत्रों के अवलोकन से पानी की मात्रा के बारे में वास्तविक डाटा प्राप्त करना है जहां पहले से मौजूद डाटा के अनुसार पानी का अस्तित्व है। इस मिशन के जरिए ध्रुवीय क्षेत्रों में चंद्रमा के पानी वाले संसाधनों के वितरण, स्थितियों, रूप और अन्य मापदंडों को समझा जाएगा। 

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