कर्नाटक: मंत्री लिंबावली ने कहा- कन्नड़ ध्वज बिकिनी पर माफी मांगे अमेजॉन, नहीं तो होगी कार्रवाई
पहले गूगल ने कन्नड़ को खराब भाषा दिखाया था इसके बाद उसने माफी मांग ली थी, अब कर्नाटक के मंत्री अरविंद लिंबावली ने अमेजॉन से मांफी मांगने को कहा है
विस्तार
कर्नाटक सरकार में मंत्री अरविंद लिंबावली ने गूगल द्वारा कन्नड़ को भारत की खराब भाषा दिखाए जाने पर उन्होंने गूगल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अब लिंबावली ने कहा है कि अमेजॉन कन्नड़ ध्वज के बिकिनी की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कन्नड़ लोगों से माफी नहीं मांगता है तो राज्य सरकार उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं बिकिनी पर राज्य का चिन्ह भी दिखाई दे रहा है।
मंत्री ने कहा कि कन्नड़ लोगों का इस तरह बार-बार अपमान बंद होना चाहिए, यह कन्नड़ के स्वाभिमान की बात है और हम ऐसी घटनाओं में बढ़ावे को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए अमेजॉन को कन्नड़ियों से माफी मांगनी चाहिए नहीं तो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Multinational companies should stop such repeated insult of #Kannada This is a matter of Kannadigas' self pride and we will not tolerate the rise in such incidents.@amazonca should, therefore, apologise to Kannadigas. Legal action will be taken immediately against @amazonca 2/2
विज्ञापन विज्ञापन— Aravind Limbavali (@ArvindLBJP) June 5, 2021
गूगल पर कन्नड़ को सबसे भद्दी भाषा बताया गया, नाराजगी के बाद माफी मांगी
गूगल पर भारत में सबसे खराब भाषा के सवाल का जवाब कन्नड़ आने पर कर्नाटक में आक्रोश पैदा हो गया था और राज्य सरकार ने गूगल को कानूनी नोटिस किया था। इसके बाद गूगल ने मांफी मांग ली थी।
सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मामले में गूगल की निंदा की जिसने बाद में भारत में सबसे भद्दी (अगलिएस्ट) भाषा पूछे जाने पर अपने सर्च इंजन पर आने वाले जवाब से कन्नड़ को हटा लिया था। कंपनी ने लोगों से इस मामले में खेद जताते हुए कहा कि सर्च के परिणाम में उसकी राय नहीं होती।
लिंबावली ने ट्वीट किया था कि कन्नड़ को खराब तरह से दिखाना महज कन्नड़ लोगों के गौरव को अपमानित करने का गूगल का प्रयास है। मैं गूगल से कन्नड़ और कन्नड़ लोगों से तत्काल माफी मांगने को कहता हूं। हमारी खूबसूरत भाषा की छवि खराब करने के लिए गूगल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बारे में जब गूगल के एक प्रवक्ता से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि सर्च हमेशा पूरी तरह परिपूर्ण नहीं होती। कई बार इंटरनेट पर उल्लेखित सामग्री के विशेष सवालों के लिए आश्चर्यजनक परिणाम हो सकते हैं।