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अमर उजाला पोल: 88 फीसदी पाठकों ने माना ट्रेन में मिलने वाला खाना इंसानों के लायक नहीं
amarujala.com- Written by: मोहित
Updated Sat, 22 Jul 2017 07:38 PM IST
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ट्रेनों में खाने-पीने का सामान साफ-सुथरा होना चाहिए, मगर आम तौर पर ऐसा होता नहीं। देश के 74 रेलवे स्टेशनों और 80 ट्रेनों की जांच के बाद ये नतीजा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में जारी रिपोर्ट में ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी के बारे में विस्तार से बताया गया है। कैग ने इस रिपोर्ट को शुक्रवार को संसद में पेश करेगा।
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ऑडिट में पाया गया है कि रेलवे की केटरिंग पॉलिसी में बदलाव के कारण कैटरिंग सर्विस के प्रबंधन में भी दिक्कते आ रही हैं और इस वजह से यात्रियों को सही सुविधा नहीं मिल पा रही है। साथ ही जांच में पता चला है कि साफ-सफाई का भी ख्याल नहीं रखा जाता है। वहीं यात्रियों को उनके खाने का बिल नहीं दिया जाता है, जबकि खाने की क्वालिटी में भी बहुत कमियां हैं।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ट्रेन में मिलने वाला खाना इंसानों के लायक नहीं है?क्या आप इस बात से सहमत हैं?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 13008 वोट मिले। इनमें 87.99 फीसदी (11446 वोट) पाठकों ने हां में जवाब दिया, जबकि 9.26 फीसदी (1205 वोट) पाठकों ने माना कि वह इस रिपोर्ट से सहमति नहीं रखते हैं। वहीं 2.74 फीसदी (357 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।