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नोटबंदी का फैसला निरंकुश : अमर्त्य सेन
एजेंसी
Updated Thu, 01 Dec 2016 04:40 AM IST
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फाइल फोटोः अमर्त्य सेन
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जाने माने अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की तीखी आलोचना की है। नोबेल विजेता सेन ने नोटबंदी के फैसले को निरंकुश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला भरोसे और विश्वास पर आधारित अर्थव्यवस्था की जड़ों को खोदने वाला है।
सेन ने कहा कि नोटबंदी से नोटों में भरोसा कम हुआ है। बैंक खातों में भरोसा कम हुआ है। इस फैसले ने विश्वास पर टिकी अर्थव्यवस्था की अनदेखी की है। यह फैसला निरंकुश है। एक चैनल से बातचीत में सेन ने हालांकि कहा कि नोटबंदी पर उनकी तात्कालिक राय इसके आर्थिक पहलू पर आधारित है।
सेन ने कहा कि नोटबंदी विश्वास की अर्थव्यवस्था के लिए एक आपदा है। पिछले 20 वर्षों में देश ने तेजी के साथ विकास किया है। लेकिन ऐसा इसलिए हुआ कि लोगों को एक-दूसरे की बात पर भरोसा था, लेकिन निरंकुश फैसला लेकर और यह कहकर हमने वादा तो किया था, लेकिन हम अपना वादा पूरा नहीं करेंगे।
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आपने विश्वास की इस अर्थव्यवस्था की जड़ों को ही खोद दिया है। भारत रत्न से सम्मानित सेन ने कहा कि विश्वास की अर्थव्यवस्था के चलते पूंजीवाद ने कई सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन अगर कोई सरकार वादा करती है और फिर उसे तोड़ देती है तो यह निरंकुश कदम है। सेन फिलहाल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में थॉमस डब्लू लैमंट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।
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सेन ने कहा कि नोटबंदी से नोटों में भरोसा कम हुआ है। बैंक खातों में भरोसा कम हुआ है। इस फैसले ने विश्वास पर टिकी अर्थव्यवस्था की अनदेखी की है। यह फैसला निरंकुश है। एक चैनल से बातचीत में सेन ने हालांकि कहा कि नोटबंदी पर उनकी तात्कालिक राय इसके आर्थिक पहलू पर आधारित है।
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सेन ने कहा कि नोटबंदी विश्वास की अर्थव्यवस्था के लिए एक आपदा है। पिछले 20 वर्षों में देश ने तेजी के साथ विकास किया है। लेकिन ऐसा इसलिए हुआ कि लोगों को एक-दूसरे की बात पर भरोसा था, लेकिन निरंकुश फैसला लेकर और यह कहकर हमने वादा तो किया था, लेकिन हम अपना वादा पूरा नहीं करेंगे।
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आपने विश्वास की इस अर्थव्यवस्था की जड़ों को ही खोद दिया है। भारत रत्न से सम्मानित सेन ने कहा कि विश्वास की अर्थव्यवस्था के चलते पूंजीवाद ने कई सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन अगर कोई सरकार वादा करती है और फिर उसे तोड़ देती है तो यह निरंकुश कदम है। सेन फिलहाल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में थॉमस डब्लू लैमंट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।