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Aniruddhacharya: अनिरुद्धाचार्य ने क्यों कहा- जब गीता से काम न चले तो गांडीव उठाओ, पढ़ें उनकी पांच मुख्य बातें

Thu, 17 Apr 2025 06:37 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 17 Apr 2025 06:37 PM IST
सार

Amar Ujala Samwad: अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम 'संवाद' में गौरी-गोपाल आश्रम के संस्थापक और कथा वाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि- इस धरती पर केवल हिंदू दयावान हो सकता है क्योंकि हिंदू एक विचारधारा है। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि इतनी दया मत करिए कि बहन-बेटियों को जिंदा जलना पड़े और जब गीता से काम न चले तो गांडीव उठाओ।

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Amar Ujala Samwad Bhagwat Katha orator Aniruddhacharya on sanatan and Hindu Rashtra
डॉ. अनिरुद्धाचार्य, भागवत कथा वाचक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला के मंच पर गौरी-गोपाल आश्रम के संस्थापक डॉ. अनिरुद्धाचार्य ने तमाम मुद्दों पर अपने विचार रखें हैं। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म और हिंदू की विचारधारा पर अपनी राय रखते हुए कहा- हमारे यहां दया-धर्म का मूल्य है। दया की बात करना और दयावान होना अलग बात है। इस धरती पर केवल हिंदू दयावान हो सकता है क्योंकि हिंदू एक विचारधारा है।
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गीता से काम न चले तो गांडीव उठाओ- अनिरुद्धाचार्य 
वहीं एक सवाल के जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने कहा- हमारे देश में घुसकर लोगों ने गर्दन काटी। सत्रह बार पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को छोड़ा। दयावान हम हैं, हम 17 मौके देते हैं, चिड़ियों को पानी देते हैं, सांप को दूध पिलाते हैं। क्या उनमें दया है? उस नालायक मोहम्मद गोरी की वजह से संयोगिता को जौहर करना पड़ा। इतनी दया मत करिए कि बहन-बेटियों को जिंदा जलना पड़े। गीता से काम न चले तो गांडीव उठाओ।
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भारत हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए या नहीं?
इस सवाल पर आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि इस धरती पर लगभग 52 देश मुस्लिम देश हैं। अगर 52 देश मुस्लिम हो सकते हैं और उससे हमें कोई एतराज नहीं हैं तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाए तो इससे किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। हिंदू राष्ट्र होने का यह मतलब नहीं कि मुसलमान यहां नहीं रहेंगे। मुसलमान यहां थे, हैं और रहेंगे।
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देश हिंदू राष्ट्र बनेगा तो गाय राष्ट्रमाता बनेगी- अनिरुद्धाचार्य
हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर आजकल कई संत बात कर रहे हैं, उस पर आपकी क्या राय है? इस सवाल पर डॉ. अनिरुद्धाचार्य- देश हिंदू राष्ट्र बनेगा तो गाय राष्ट्रमाता बनेगी। महाराष्ट्र में गोमाता को राज्यमाता का दर्जा मिला है। हिंदू राष्ट्र होगा तो इसका यह मतलब है कि हिंदुओं का पक्ष मजबूत होगा। इंदिरा गांधी जी स्वामी करपात्री के पास समर्थन मांगने गई थीं। तब स्वामी जी ने कहा था कि क्या आप गोहत्याओं पर प्रतिबंध लगाएंगी? जब वे प्रधानमंत्री बन गईं, तब स्वामी जी ने दिल्ली तक यात्रा निकाली और वहां इंदिरा जी से सवाल पूछा तो सरकार ने उनके समर्थकों पर गोलियां चलवा दीं।

क्या दूसरे समुदाय को लेकर कोई खटास है?
इस सवाल पर डॉ. अनिरुद्धाचार्य हम किसी से नफरत नहीं करते। हम ही हैं, जो कहते हैं कि ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम। कहीं और से तो आज तक ऐसी आवाज नहीं आई। हमारे मन में कोई खटास नहीं है। सर्वधर्म की अवधारणा ही गलत है। धर्म एक ही है सनातन। इस्लाम मजहब है, सिख पंथ है। गंगा और गंगा की नहर है। नदी से निकली धारा का नाम नहर है। एक सनातन धर्म से बाकी मजहब और पंथ निकले हैं। अगर मजहब और धर्म में फर्क नहीं होता तो सभी धर्म में लोग पत्नी को धर्मपत्नी कहते। धर्म कोई सब्जी नहीं। मूल में तो सनातन ही रहेगा।


संत बनना आजकल फैशन हो गया है?
इस पर उन्होंने कहा कि- लोग क्या करते हैं, हमें इससे मतलब नहीं। हमने केवल समाज की सेवा की है। आज मेरी आयु 34 साल है, इस उम्र में हमने पढ़ाई की और पढ़कर समाज सेवा की। आज 290 वृद्ध मां का पुत्र बनने का मौका मिला। मैंने गौरी-गोपाल गुरुकुल की स्थापना की और बच्चों को वहां नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। 400 गोमाता और 125 नंदी की सेवा करते हैं। बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।

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