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अमर उजाला पोल: पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना बेहतर विकल्प नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Nov 2018 08:22 PM IST
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प्रदूषण और सूखे से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह कभी भी कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कृत्रिम बारिश कराए जाने के प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। कानपुर आईआईटी के सहयोग से कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। आईआईटी कानपुर के उपनिदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि कृत्रिम बारिश के लिए इसरो से एयरक्राफ्ट मांगा गया था। इसरो ने उच्च तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट सुपर किंग एयर बी-200 कानपुर आईआईटी को सौंप दिया है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना ज्यादा बेहतर है?'
पोल के जवाब में 71.8 फीसदी पाठकों ने माना कि पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना बेहतर विकल्प नहीं है, जबकि 28.2 फीसदी पाठकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना बेहतर विकल्प है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना ज्यादा बेहतर है?'
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पोल के जवाब में 71.8 फीसदी पाठकों ने माना कि पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना बेहतर विकल्प नहीं है, जबकि 28.2 फीसदी पाठकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के बजाय कृत्रिम बारिश कराना बेहतर विकल्प है।
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