अमर उजाला पोल: विश्वविद्यालयों में राजनीति और चुनाव जैसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए
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छात्र राजनीति, राजनीति की पहली सीढ़ी मानी जाती है। भारत के विश्वविद्यालयों में हर साल छात्रों के बीच चुनाव होते हैं, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन वाले छात्र संगठन चुनाव में हिस्सा में लेते हैं। दरअसल, जेपी आंदोलन के दौरान छात्र राजनीति का जो तेवर था अब उसमें हर साल लगातार गिरावट देखने को मिलती है। मौजूदा समय में देश के तमाम विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति जीवित तो है लेकिन उसका अस्तित्व वैसा नहीं नजर आता। अब विश्वविद्यालयों की छात्र राजनीति में वैसी धार नहीं दिखती जैसी पहले दिखाई देती थी।
रविवार को अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या विश्वविद्यालयों में राजनीति और चुनाव जैसी गतिविधियां होनी चाहिए?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3, 840 वोट मिले। इनमें 77.99 फीसदी (2,995 वोट) पाठकों ने माना कि विश्वविद्यालयों में राजनीति और चुनाव जैसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, जबकि 22.01 फीसदी (845 वोट) पाठकों ने कहा कि विश्वविद्यालयों में राजनीति और चुनाव जैसी गतिविधियां होनी चाहिए।