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अमर उजाला पोल: चुनावी घोषणा पत्र के वादों पर गंभीर नहीं रहते राजनीतिक दल
Tue, 09 Apr 2019 07:45 PM IST
तिवारी अभिषेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तिवारी अभिषेक
Updated Tue, 09 Apr 2019 07:45 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कई राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र जारी किये हैं। राजनीतिक दलों ने अपने घोषणा-पत्रों में तमाम वादे किये हैं। लेकिन क्या चुनाव के बाद यह वादे पूरे हो पाते हैं?
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने सोमवार को अपने पोल में पाठकों से सवाल पूछा था 'चुनावी घोषणा पत्र और उसमें किए वादों को लेकर तमाम राजनीतिक दल क्या गंभीर रहते हैं?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,708 वोट मिले। इनमें 85.46 फीसदी (3,169 वोट) पाठकों ने माना कि चुनावी घोषणा पत्र और उसमें किए वादों को लेकर तमाम राजनीतिक दल गंभीर नहीं रहते हैं। जबकि 14.54 फीसदी (539 वोट) पाठकों ने कहा कि राजनीतिक दल चुनावी घोषणा पत्र और उसमें किए वादों को लेकर गंभीर रहते हैं।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने सोमवार को अपने पोल में पाठकों से सवाल पूछा था 'चुनावी घोषणा पत्र और उसमें किए वादों को लेकर तमाम राजनीतिक दल क्या गंभीर रहते हैं?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 3,708 वोट मिले। इनमें 85.46 फीसदी (3,169 वोट) पाठकों ने माना कि चुनावी घोषणा पत्र और उसमें किए वादों को लेकर तमाम राजनीतिक दल गंभीर नहीं रहते हैं। जबकि 14.54 फीसदी (539 वोट) पाठकों ने कहा कि राजनीतिक दल चुनावी घोषणा पत्र और उसमें किए वादों को लेकर गंभीर रहते हैं।
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