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अमर उजाला पोल: आंदोलन के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है
Sat, 09 Feb 2019 08:28 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 09 Feb 2019 08:28 PM IST
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एक बार फिर सरकार के खिलाफ गुर्जरों ने आंदोलन शुरू हो गया है। गुर्जर समुदाय के लोग 5 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सवाई माधोपुर के पास ट्रैक पर बैठ गए । गुर्जरों ने सवाई माधोपुर के मलारना स्टेशन और नीमोदा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक जाम कर लिया। जिसके कारण दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया।
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रेलवे ट्रैक रोकने का असर अब कई राज्यों पर पड़ना शुरू हो गया। देर रात तक आंदोलनकारी ट्रैक पर जमे रहे। लोग ट्रैक पर ही अलाव जलाकर बैठ गए। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का कहना है कि शुक्रवार शाम चार बजे तक का अल्टीमेटम था, जो कि खत्म हो चुका है। बैंसला की अगुआई में गुर्जरों ने ट्रैक रोका। उनका कहना है कि इस बार समझौता नहीं होगा। अब उन्हें सीधे आरक्षण की चिट्ठी चाहिए।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आंदोलन के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और नागरिक परिवहन को बाधित करना सही है?
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पोल के जवाब में हमें कुल 4414 वोट मिले। इनमें 12.75 फीसदी (563 वोट) पाठकों ने माना कि आंदोलन के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और नागरिक परिवहन को बाधित करना सही है, जबकि 87.25 फीसदी (3851 वोट) पाठकों ने माना कि आंदोलन के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और नागरिक परिवहन को बाधित करना सही नहीं है।