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पोल: अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 03 Apr 2018 07:35 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में देशभर में सोमवार (2 अप्रैल) को दलितों के भारत बंद के चलते कई राज्यों में लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान विरोध प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया। जिसमें 12 लोगों की मौत हुई। विरोध प्रदर्शन में मरने वालों में मध्यप्रदेश के 7, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ और फिरोजाबाद में 1-1 और राजस्थान के 2 व्यक्ति शामिल हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों में रोड़वेज बसों, स्कूली वाहनों और बाइक को आग के हवाले कर दिया।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि विकास ही देश का सबसे बड़ा मुद्दा है?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 3,875 वोट मिले। इनमें 12.54 फीसदी (486 वोट) पाठकों ने माना कि अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को जायज ठहराया है, जबकि 87.46 फीसदी (3,389 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना सही नहीं हैं।
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