{"_id":"65531bfc92f66b498600b4b6","slug":"aluva-rape-murder-case-kerala-court-sentences-convict-to-death-2023-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: आरोपी आलम को मौत की सजा, बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में विशेष अदालत ने सुनाया फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: आरोपी आलम को मौत की सजा, बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
Tue, 14 Nov 2023 12:35 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 14 Nov 2023 12:35 PM IST
सार
केरल में पांच वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या करने के मामले में आरोपी को मौत की सजा सुनाई गई है। पढ़िए पूरा मामला...
विज्ञापन
court demo
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलुवा दुष्कर्म और हत्या मामले के आरोपी को मौत की सजा सुनाई गई। केरल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है। विशेष अदालत में न्यायाधीश के. सोमन मामले की सुनवाई कर रहे थे। बता दें बिहार की रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई थी। आरोपी को पॉस्को एक्ट के तहत सजा सुनाई गई।
आरोपी को सजा सुनाए जाने के वक्त पीड़िता के माता-पिता अदालत में मौजूद थे। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि मामला दुर्लभ श्रेणी में आता है और इसलिए दोषी को मौत की सजा दी जानी चाहिए। अभियोजन पक्ष ने बताया था कि सजा पर बहस के दौरान आलम ने अदालत में दावा किया था कि अन्य आरोपियों को छोड़ दिया गया था और केवल उसे ही मामले में पकड़ा गया था। इसके अलावा उसने कोई अन्य दलील नहीं दी थी।
बता दें अदालत ने आरोप पत्र में आरोपी आलम को सभी 16 अपराधों का दोषी पाया था। अभियोजन पक्ष ने कहा था 16 में से पांच अपराधों में मौत की सजा है। आरोपी ने 28 जुलाई को बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म किया और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची का शव आरोपी ने अलुवा स्थित एक इलाके में फेंक दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपी को सजा सुनाए जाने के वक्त पीड़िता के माता-पिता अदालत में मौजूद थे। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि मामला दुर्लभ श्रेणी में आता है और इसलिए दोषी को मौत की सजा दी जानी चाहिए। अभियोजन पक्ष ने बताया था कि सजा पर बहस के दौरान आलम ने अदालत में दावा किया था कि अन्य आरोपियों को छोड़ दिया गया था और केवल उसे ही मामले में पकड़ा गया था। इसके अलावा उसने कोई अन्य दलील नहीं दी थी।
विज्ञापन
बता दें अदालत ने आरोप पत्र में आरोपी आलम को सभी 16 अपराधों का दोषी पाया था। अभियोजन पक्ष ने कहा था 16 में से पांच अपराधों में मौत की सजा है। आरोपी ने 28 जुलाई को बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म किया और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची का शव आरोपी ने अलुवा स्थित एक इलाके में फेंक दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन