फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Alliance without congress is to correct election arithmetic says sp akhilesh yadav

कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रख, बसपा के साथ जाकर ठीक किया चुनावी अंकगणित: अखिलेश यादव

Tue, 22 Jan 2019 01:20 PM IST
Shani Mishra भाषा, कोलकाता
भाषा, कोलकाता Published by: Shani Mishra Updated Tue, 22 Jan 2019 01:20 PM IST
विज्ञापन
Alliance without congress is to correct election arithmetic says sp akhilesh yadav
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति अपार सम्मान के बावजूद सबसे पुरानी पार्टी को उत्तर प्रदेश में चुनावी गठबंधन से इसलिए बाहर रखा ताकि चुनावी अंकगणित को सही रख हुए भाजपा को मात दी जा सके। 

विज्ञापन


चुनावों के बाद कांग्रेस के साथ काम करने की संभावना को खारिज किए बिना अखिलेश ने कहा कि पार्टी के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और वह खुश होंगे अगर अगला प्रधानमंत्री उनके गृह राज्य से हो। 
विज्ञापन


चुनाव के बाद सपा कांग्रेस के साथ काम करने के लिए तैयार होगी यह पूछने पर अखिलेश ने कहा कि हम अभी इसका जवाब नहीं दे सकते। हम चुनाव के बाद इसका जवाब देंगे। लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि देश एक नया प्रधानमंत्री चाहता है और चुनावों के बाद उसे यह मिलेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अखिलेश ने 19 जनवरी को विपक्ष की रैली के दौरान खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि अगर आप उत्तर प्रदेश में सीटों की संख्या देखें तो आप पाएंगे कि भाजपा सरकार के पास बहुमत नहीं है। भाजपा सामाजिक इंजीनियरिंग की बात करती रहती है। इसलिए मैंने भी अपना चुनावी अंकगणित ठीक करने का फैसला किया और गठबंधन के जरिये यह किया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान बहुत सारे विकास कार्य करने के बावजूद वह 2017 का विधानसभा चुनाव हार गए क्योंकि उनका चुनावी अंकगणित ठीक नहीं था।

उन्होंने कहा कि इसलिए मैंने बहुजन समाज पार्टी एवं राष्ट्रीय लोक दल को साथ लेकर और कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़कर अंकगणित ठीक कर लिया।

समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए हाथ मिलाया था लेकिन वे भाजपा से हार गए थे।

अंकगणित ठीक करने को हुआ बसपा से गठबंधन

उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश का अंकगणित ठीक करने और भाजपा को हराने के लिए यह (सपा-बसपा गठबंधन) हुआ है। क्या दूसरों को संतुष्ट करने के लिए हम सीटें (भाजपा से) हार जाएं।

चुनाव पूर्व सपा-बसपा के गठबंधन से बाहर रही कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह आगामी लोकसभा चुनावों में राज्य की सभी 80 सीटों पर अकेले लड़ेगी। 

कांग्रेस को विपक्षी गठबंधन से बाहर रखने से राजनीतिक दृष्टि से अहम राज्य में विपक्ष की संभावनाएं कमजोर होंगी, यह पूछने पर अखिलेश ने कहा कि सीटों के इस समझौते के साथ हमने विपक्षी एकता को और मजबूत किया है। हमने कांग्रेस के लिए दो सीटें रखी हैं। कांग्रेस के साथ हमारे संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं। संबंधों का मुद्दा अलग है। अहम मुद्दा भाजपा को हराना है और मैंने अंकगणित की दिशा में काम किया है।

कांग्रेस के सभी सीटों पर लड़ने की घोषणा के बाद बदले परिदृश्य में गठबंधन की ओर से उम्मीदवारों को उतारे जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा सपा-बसपा रायबरेली एवं अमेठी में ऐसा नहीं करेगी। 

हालांकि वह इस बात पर कायम रहे कि कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखने और महज दो सीटें देने से विपक्ष के वोट शेयर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

प्रधानमंत्री पद के लिए बसपा प्रमुख मायावती और तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी में से उनकी पहली पसंद कौन है के प्रश्न पर अखिलेश ने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि कोशिश एक नये प्रधानमंत्री के चुनाव की होनी चाहिए और कुछ मुद्दों पर चुनावों के बाद भी चर्चा हो सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed