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लेखिका महादेवी वर्मा के निधन के 31 साल बाद आया निगम का नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 08 Feb 2018 10:02 AM IST
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महादेेवी वर्मा
हमारा सिस्टम कितना धीमा है इसका एक ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला जब हिंदी की विख्यात लेखिका महादेवी वर्मा को निधन के 31 साल बाद इलाहाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स का नोटिस भेज दिया। इस नोटिस में कहा गया है कि यदि टैक्स नहीं भरा गया तो वह कुर्की के कार्य को शुरू करेगा। नोटिस के अनुसार लेखिका के अशोक नगर स्थित घर 327/114 पर 48,050 रुपए का हाउस टैक्स बकाया है। जिसकी वजह से हिंदी साहित्य से जुड़े लोगों में गुस्सा है वहीं नगर निगम ने इसे दिनचर्या का मामला बताया है।
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महादेवी वर्मा का निधन 11 सितंबर 1987 में हो चुका है लेकिन निगम ने बिना संज्ञान लिए उनके नाम पर नोटिस जारी कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पार्षद मुकुंद तिवारी ने हिंदी साहित्य में महादेवी वर्मा के योगदान को देखते हुए निगम के कमिश्नर हरिकेष चौरसिया से हाउस टैक्स को रद्द करने की मांग की है। वहीं निगम के कमिश्नर का कहना है कि वह इस नोटिस को जारी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही करेगी।
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चौरसिया ने आगे कहा कि मामले के संज्ञान में आने के बाद नोटिस को रद्द कर दिया गया है और अब बंगले में रहने वाले लोगों से पूछताछ के बाद वास्तविक स्वामी के नाम दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। इस बंगले में अब महादेवी के दत्तक बेटे रामजी पाण्डेय का परिवार रहता है। रामजी के बड़े बेटे बृजेश ने इस मामले पर कहा है कि नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इस तरह का नोटिस जारी किए जाने से एक महान शख्सियत का अपमान हुआ है।
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इस मामले में महापौर अभिलाषा गुप्ता ने जानकारी ली और कहा- महीयसी का घर सदन करमुक्त करेगा। इसके बारे में जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी। इससे पहले उन्होंने निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा से महीयसी के आवास का मुआयना कराने को कहा।