फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Allahabad High Court stays UP Govt's order to include 17 sub-castes in the SC category

अखिलेश को झटका: 17 ओबीसी जातियों को SC कोटे में डालने पर हाईकोर्ट की रोक

Tue, 24 Jan 2017 06:56 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 Jan 2017 06:56 PM IST
विज्ञापन
Allahabad High Court stays UP Govt's order to include 17 sub-castes in the SC category
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

सतारूढ़ समाजवादी पार्टी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। अखिलेश कैबिनेट के उस फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, जिसमें राज्य सरकार ने ओबीसी की 17 जातियों को sc कोटे में डाल दिया था। मंगलवार को हाईकोर्ट ने इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसले पर तत्काल रोक लगा दी है।

विज्ञापन

 


चुनाव के ठीक पहले अखिलेश सरकार के चुनावी दांव चलते हुए 17 जातियों को एससी में शामिल करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई थी। चुनाव के लिहाज से इन 17 जातियों का वोट प्रदेश में चुनावी तस्वीर बदलने की स्थिति में हैं। इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल शिल्पकार, मझवार, गौड़, बलदार और तुरैया की उपजाति के रूप में परिभाषित किया गया था।
विज्ञापन


जिन 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल किया गया था,  प्रदेश में उनकी आबादी 13.63 प्रतिशत है। 13 निषाद जातियों की आबादी 10.25 प्रतिशत है जबकि राजभर 1.32, कुम्हार 1.84 और गोंड़ 0.22 प्रतिशत है। इन जातियों में कहार, कश्यप , केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीमर, बाथम, तुरहा, गोंड, बिंद शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले 2005 में मुलायम सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी तो प्रस्ताव केंद्र को भेजा। 2007 में मायावती सत्ता में आईं तो इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, बाद में खुद पत्र लिखा। बाद में अखिलेश सरकार ने लोकसभा चुनाव के पहले फिर प्रस्ताव भेजा जिसे केंद्र ने खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed