फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Akhilesh Yadav is targeting Keshav Prasad Maurya and up politics news

Politics: यूं ही नहीं अखिलेश यादव साध रहे हैं केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना, इसके पीछे यह है असली कहानी

Fri, 26 Jul 2024 05:50 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 26 Jul 2024 05:50 PM IST
विज्ञापन
सार
अखिलेश यादव की ओर से केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिए जाने के सियासी गलियारों में अलग मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर सियासी तौर पर अखिलेश यादव को किसी को निशाने पर लेना है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो सकते हैं। लेकिन वह पिछड़े समुदाय से आने वाले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ही निशाने पर क्यों ले रहे हैं।
loader
Akhilesh Yadav is targeting Keshav Prasad Maurya and up politics news
अखिलेश और केशव प्रसाद मौर्य में सोशल मीडिया पर छिड़ा वार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की सियासत में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बड़े नेताओं के बीच में सोशल मीडिया पर एक अलग तरह की बयान बाजी देखी जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को परोक्ष और अपरोक्ष रूप से निशाने पर ले रहे हैं। सोशल मीडिया के इस वॉर में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी लगातार हमलावर होकर जवाब भी दे रहे हैं। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर अखिलेश यादव उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर बयान देकर क्या कहीं और निशाना साध रहे हैं। जानकारों की माने तो सपा मुखिया इस तरह से न सिर्फ पीडीए को मजबूत करने की कोशिश में है। बल्कि केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साध कर पिछड़ों को भी अपने हिस्से में और ज्यादा करने की जुगत लगा रहे हैं।



बीते कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव ने परोक्ष और अपरोक्ष रूप से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिया है। भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति के बाद जब केशव प्रसाद मौर्य वापस दिल्ली से लखनऊ पहुंचे तो अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए "लौट के बुद्धू घर को आए" लिखा था। वैसे अपने ट्वीट में अखिलेश यादव ने किसी का नाम नहीं लिखा था लेकिन सियासी गलियारों में यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए ही यह ट्वीट माना जा रहा था। हालांकि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस जवाब का पलट कर उत्तर भी दिया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि 'सपा बहादुर अखिलेश यादव, भाजपा की देश और प्रदेश दोनों जगह मजबूत संगठन और सरकार है। केशव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए धोखा है। उत्तर प्रदेश में सपा के गुंडाराज की वापसी असंभव है। बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहराएगी।




सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के इस "वॉर" के बाद यूपी से लेकर दिल्ली के सियासत में खूब चर्चाएं भी हुई। उसके तुरंत बाद अखिलेश यादव ने मानसून ऑफर का ऐलान करते हुए एक और नया ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट को लेकर भी खूब सियासी सरगर्मियां रही। हालांकि अखिलेश यादव ने इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी विंटर ऑफर भी आना है। इस तरीके से आए बयानों के बाद अखिलेश यादव ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली के मोहरा बन गए हैं। वह दिल्ली के वाईफाई के पासवर्ड हैं। इस पर केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। मौर्य ने कहा कि कहा कि कांग्रेस का मोहरा बन चुके सपा बहादुर अखिलेश यादव भाजपा को लेकर ग़लतफ़हमी पालने, अति पिछड़ों को निशाना बनाने, अपमान करने की जगह सपा को समाप्त होने से बचाने पर ध्यान दें। भाजपा 2027 में 2017 दोहरायेगी, कमल खिला है खिलेगा, खिलता रहेगा।

दरअसल अखिलेश यादव की ओर से केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिए जाने के सियासी गलियारों में अलग मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर सियासी तौर पर अखिलेश यादव को किसी को निशाने पर लेना है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो सकते हैं। लेकिन वह पिछड़े समुदाय से आने वाले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ही निशाने पर क्यों ले रहे हैं। राजनीतिक जानकार डीपी सिंह कहते हैं कि इस वक्त भारतीय जनता पार्टी में जिस तरह की चर्चाएं हो रही है उसमें केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साध कर अखिलेश यादव उनके ही समर्थकों में एक संदेश दे रहे हैं कि उनके नेता के साथ पार्टी में अच्छा नहीं हो रहा है। डीपी सिंह कहते हैं कि केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लेकर अखिलेश यादव न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी को घेर रहे हैं बल्कि एक तरह से पिछड़े वर्ग के लोगों को संदेश देने की भी कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव केशव प्रसाद मौर्य के बहाने पीडीए को अपने साथ और मजबूती से जोड़ने की कोशिश में लगे हैं।

सियासी जानकारों का कहना है यह लड़ाई अब केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव के बीच सोशल मीडिया की नहीं बची है। इसके पीछे के निहितार्थ लगातार दोनों नेता अपने संदेशों के माध्यम से दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रेम माथुर कहते हैं कि जिस तरीके से अखिलेश यादव परोक्ष या अपरोक्ष रूप से केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लेकर भारतीय जनता पार्टी में पिछड़ों की स्थिति का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। इस मंशा को भांपते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी सोशल मीडिया से अखिलेश यादव पर अति पिछड़ों को निशाने पर लेने का आरोप लगा रहे हैं। 

माथुर कहते हैं कि दिल्ली के पासवर्ड मामले के बाद जब केशव प्रसाद मौर्य ने इसका जवाब दिया तो उन्होंने अखिलेश यादव पर पिछड़ों का अपमान करने और उनको निशाने पर लेने से बचने की सलाह दी। वह कहते हैं कुल मिलाकर पूरी लड़ाई पिछड़ों को लेकर ही चल रही है। उनका कहना है कि क्योंकि अगले कुछ समय में उत्तर प्रदेश में उपचुनाव होने हैं। समाजवादी पार्टी केशव प्रसाद मौर्य के बहाने पिछड़ों और अतिपिछड़ों को एक संदेश देकर अपने साथ जोड़ने के प्रयास में है। जबकि भारतीय जनता पार्टी और केशव प्रसाद मौर्य बार-बार न सिर्फ 2027 में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं बल्कि उपचुनाव में सभी सीटों को जीतने की बात करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed