{"_id":"652e6a43206e8ee5800cee63","slug":"ajit-pawar-rubbishes-claim-by-ex-ips-officer-that-he-asked-her-to-hand-over-police-land-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: अजित पवार ने बोरवणकर के दावे को किया खारिज; बोले- तत्कालीन गृह मंत्री को नहीं दिया था कोई निर्देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: अजित पवार ने बोरवणकर के दावे को किया खारिज; बोले- तत्कालीन गृह मंत्री को नहीं दिया था कोई निर्देश
Tue, 17 Oct 2023 04:34 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 17 Oct 2023 04:34 PM IST
सार
सोमवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी बोरवंकर ने एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने बिल्डरों और सरकार के बीच साठगांठ के बारे में बात की। बिल्डरों को दी गई सरकारी जमीनों की समीक्षा करने की जरूरत है। इसमें राजनेताओं, बिल्डरों, नौकरशाहों और पुलिस के बीच सांठगांठ हैं।
विज्ञापन
अजित पवार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व आईपीएस मीरान चड्ढा बोरवणकर की किताब में छपे एक अंश को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस अंश में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार पर बिल्डरों को आंवटित भूमि में हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया है। पूर्व आईपीएस मीरान चड्ढा बोरवणकर ने अपनी किताब में दावा किया कि अजित पवार ने 2010 में पुलिस की तीन एकड़ जमीन एक बिल्डर को सौंपने पर जोर दिया था। बता दें कि अजित पवार उस समय पुणे के संरक्षक मंत्री थे। वहीं, अब अजित पवार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह पुणे के यरवदा में भूमि भूखंड पर निर्णय लेने से संबंधित किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
विज्ञापन
अजित पवार ने कहा कि उन्होंने उस भूमि भूखंड पर निर्णय लेते समय तत्कालीन गृह मंत्री आरआर पाटिल को कुछ भी करने का निर्देश नहीं दिया था। इससे पहले, सोमवार को अजित पवार के कार्यालय ने एक बयान में यह भी कहा कि जिले के संरक्षक मंत्रियों को जमीन खरीदने का अधिकार नहीं है। इसलिए सरकारी जमीन बेची नहीं जा सकती। ऐसे मामले राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखने से पहले राजस्व विभाग के पास जाते हैं। मंत्रिमंडल इस पर अंतिम फैसला लेती है। मेरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे किसी दबाव की परवाह नहीं है। ऐसे मामलों में मैं हमेशा सरकारी नियमों का पालन करता हूं। अथॉरिटी से इस मामले की जांच करा सकते हैं।
विज्ञापन
वहीं, सोमवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी बोरवंकर ने एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने बिल्डरों और सरकार के बीच साठगांठ के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि मैं सार्वजनिक भूमि की बिक्री से संबंधित बिल्डर-राजनेता-नौकरशाह-पुलिस गठजोड़ के बारे में बात करना चाहता हूं। बिल्डरों को दी गई सरकारी जमीनों की समीक्षा करने की जरूरत है। इसमें राजनेताओं, बिल्डरों, नौकरशाहों और पुलिस के बीच सांठगांठ हैं। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। उनके आरोपों के बाद कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी एनसीपी के नेता रोहित पवार ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
विज्ञापन