Maharashtra: अजित पवार गुट को झटका, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए बजरंग सोनवणे
Maharashtra: अजित पवार के करीबी माने जाने वाले बजरंग सोनवणे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) में शामिल हो गए। इस मौके पर शरद पवार ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद आगामी आम चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी पर फैसला लेंगे।
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लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, उपमुख्यमंत्री अजित पवार के करीबी माने जाने वाले बजरंग सोनवणे ने बुधवार को शरद पवार की पार्टी का दामन थाम लिया। वह शरद पवार और जयंत पाटिल की मौजूदगी में पुणे में एक कार्यक्रम में पार्टी में शामिल हुए।
महाराष्ट्र के बीड जिले के रहने वाले सोनवणे को अजित पवार और धनंजय मुंडे का वफादार माना जाता था। जब अजित पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार में शामिल हुए, तो सोनवणे अजित पवार के साथ आए। उस समय वह बीड जिले में राकांपा के अध्यक्ष थे।
बजरंग सोनवणे ने 2019 का लोकसभा चुनाव प्रीतम मुंडे के खिलाफ बीड सीट से चुनाव लड़ा था। सोनवणे पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राकांपा अपने समर्थकों के साथ राकांपा (शरद पवार) में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कोई उम्मीद लेकर पार्टी में शामिल नहीं हुए और वह शरद पवार द्वारा दी जाने वाली किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी बीड से जिस भी उम्मीदवार के नाम का एलान करेगी, वह उसका समर्थन करेंगे। सोनवणे ने कहा, मैं हमेशा राकांपा के साथ था। कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुझे बताया कि उन्हें दूसरी ओर (अजित पवार गुट में) घुटन महसूस हो रही है। इसलिए मैं अपन समर्थकों की ओर से यहां आया हूं। पवार साहब मुझे जो भी जिम्मेदारी देंगे, उसे बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार करूंगा। बीड से जो भी उम्मीदवार होगा, मैं पूरी ताकत से उनका समर्थन करूंगा। पवार साहब ने पिछली बार मुझे बीड से टिकट दिया था। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।
वहीं, कार्यक्रम के दौरान शरद पवार ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठक करेंगे और सोनवणे को चुनावी मैदान में उतारने पर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा, बजरंग सोनवणे हमारे साथ थे। उन्होंने फिर से वापस आने का फैसला किया। पिछली बार हमने उन्हें बीड से लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया था। उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि वह बहुत मामूली अंतर से हार गए। उन्हें पांच लाख से ज्यादा वोट मिले। कुछ स्थानीय मुद्दों के कारण उन्होंने हमें कुछ समय के लिए छोड़ दिया। इसलिए सिर्फ किसी स्थानीय मुद्दे पर बड़ा सियासी फैसला लेना सही नहीं है।
पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भरोसा दिया कि वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करने के बाद बीड सीट के उम्मीमदवार को लेकर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा, मैं सभी कार्यकर्ताओं और बजरंग का आभार जताना चाहता हूं। उन्होंने (पार्टी कार्यकर्ताओं) ने मुझे आश्वस्त किया है कि जो भी आगामी चुनाव में उम्मीदवार होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। चुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी है, लेकिन उम्मीदवार तय करने के लिए हमारे पास अभी भी एक महीने का समय है। हमारे वरिष्ठ नेता बैठक करेंगे और इस पर फैसला करेंगे। भाजपा पहे ही बीड लोकसभा सीट से पंकजा मुंडे को उम्मीदवार बना चुकी है।