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Ajit Doval Birthday: एनएसए डोभाल आज मना रहें हैं अपना जन्मदिन, जानिए उनसे जुड़े कुछ रोचक किस्से
Wed, 20 Jan 2021 07:32 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 20 Jan 2021 07:32 PM IST
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अजीत डोभाल
- फोटो : पीटीआई
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देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल का आज यानि 20 जनवरी को जन्मदिन है। बालाकोट एयर स्ट्राइक हो या सर्जिकल स्ट्राइक, देश की सुरक्षा से संबंधित लगभग हर घटना में एक नाम जरूर सुनने को मिलता है और वह हैं एनएसए डोभाल। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें और सोशल मीडिया पर लोगों ने किस तरह से उन्हें बधाइयां दीं।
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अजीत डोभाल यानी 'इंडिया का जेम्स बॉन्ड'
डोभाल को भारत का जेम्स बॉन्ड भी कहा जाता है। साल 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी डोभाल बचपन से ही तेज-तर्रार दिमाग वाले थे और पाकिस्तान में अंडरकवर एजेंट भी रह चुके हैं। पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ डोभाल उसे युद्ध की खुली चुनौती भी दे चुके हैं। पाकिस्तान को उसके ही घर में घुसकर उसे मात देकर लौटने वाले डोभाल की इन्हीं खूबियों के चलते उन्हें भारत का जेम्स बॉन्ड कहा जाता है।
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उत्तराखंड के पौड़ी-गढ़वाल में हुआ था जन्म
अजीत डोभाल का जन्म उत्तराखंड की बेहद खूबसूरत जगह पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी 1945 को हुआ था। उनके पिता भी सेना में अधिकारी थे। 1968 केरल बैच के आईपीएस अधिकारी रहे डोभाल 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे। पाकिस्तान के लाहौर में भारतीय दूतावास में उन्होंने छह साल सेवाएं दीं। कहते हैं कि इस दौरान जानकारियां हासिल करने के लिए डोभाल लाहौर की गलियों में मुसलमान होने का ताना-बाना रच कर घूमते थे।
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जब पाक में लगभग पकड़ लिए गए थे डोभाल
पाकिस्तान में सालों तक अंडरकवर एजेंट की भूमिका में तैनात रहने वाले डोभाल ने इंटेलीजेंस से सेवानिवृत्त होने के बाद एक कार्यक्रम में एक किस्सा साझा किया था। उन्होंने बताया था कि एक बार जासूसी के दौरान उन्हें लगभग पहचान लिया गया था। एक व्यक्ति उनके कान छिदे होने के चलते जान गया था कि वह हिंदू हैं। वह व्यक्ति उनसे सवाल करने के लिए उन्हें दूसरे कमरे में ले गया और बाद में उसने बताया कि वह भी एक हिंदू ही है।
पहले पुलिस अधिकारी जिन्हें मिला कीर्ति चक्र
अजीत डोभाल देश के एकमात्र ऐसे पुलिस अधिकारी हैं जिन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। आमतौर पर यह सम्मान सेना के अधिकारियों को ही दिया जाता है। माना जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे भी डोभाल का ही दिमाग था और उन्हीं की देखरेख में इश पूरे अभियान को अंजाम दिया गया था। वहीं, 1989 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को निकालने के लिए ऑपरेशन ब्लैक थंडर का भी नेतृत्व उन्होंने ही किया था।