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आग लगती तो और भयावह हो सकता था हादसा, 2010 की मैंगलोर विमान दुर्घटना में गई थी 160 की जान
Fri, 07 Aug 2020 11:10 PM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Fri, 07 Aug 2020 11:10 PM IST
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कोझिकोड और मैंगलोर प्लेन हादसा
- फोटो : social media
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केरल के कोझिकोड जिले के करीपुर हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग करने के दौरान रनवे से फिसल गया और 30 फीट गहरी खाई में गिर गया। इससे विमान के दो टुकड़े हो गए। दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 123 लोग घायल और 15 लोग गंभीर रूप से बताए जा रहे हैं। इस बात की जानकारी मलप्पुरम एसपी से समाचार एजेंसी एएनआई को दी।
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14 dead, 123 injured and 15 seriously injured in Kozhikode plane crash incident at Karipur Airport: Malappuram SP to ANI. #Kerala pic.twitter.com/QfFZxHDkVx
— ANI (@ANI) August 7, 2020विज्ञापन
हालांकि, प्लेन में आग लगती तो हादसा और भयावह हो सकता था। मगर भगवान का शुक्र रहा कि ऐसा नहीं हुआ। अगर ऐसा होता तो न जाने कितने लोगों की जान जाती। दुबई से आ रहे एयर इंडिया एक्सप्रेस के इस विमान में क्रू सहित 191 लोग सवार थे। विमान में 10 नवजात बच्चे भी थे।
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इस हादसे ने 2010 के मैंगलोर एयरपोर्ट हादसे की याद दिला दी
इस हादसे ने एक दशक पहले मैंगलोर में हुए इसी तरह के एक विमान हादसे की यादें जहन में जिंदा कर दी। दरअसल, मई, 2010 में एयर इंडिया का एक विमान मैंगलोर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान चट्टान से टकरा गया था। इस हादसे की वजह से तकरीबन 160 लोगों की मौत हो गई थी।
यहां जिस रनवे पर हादसा हुआ था उसे दस दिन पूर्व ही विमानों के लिए खोला गया था। मई 2010 में मैंगलोर में जो विमान हादसा हुआ था उस विमान में क्रू समेत कुल 166 लोग सवार थे। इस हादसे में आठ यात्री आर्श्चयजनक रूप से बच गए थे।
इस हादसे में शामिल अत्याधुनिक बोइंग 737-800 विमान को 15 जनवरी 2008 को एयर इंडिया के बेड़े में शामिल किया गया था। इस विमान को साइबेरिया के कैप्टन ज्लाटको ग्लूसिया चला रहे थे। उनके पास दस हजार घंटे की उड़ान का अनुभव था।
विमान पहली टक्कर के बाद ही आग के गोले में तब्दील हो गया था जिसकी वजह से लोग बुरी तरह से झुलस गए थे। इस विमान हादसे में ज्यादातर यात्रियों के शव बुरी तरह से जले हुए ही निकाले गए थे। विमान भी जलकर खाक हो गया था। मैंगलोर का ये हवाई अड्डा वर्ष 2006 से ही सेवा में है।