राहत : एयर इंडिया ने किया एलान, किसी भी कर्मचारी की नहीं जाएगी नौकरी
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एयर इंडिया के पायलटों की सैलरी कटौती मामले में केंद्र सरकार ने अहम फैसला किया है। एयर इंडिया ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया है कि अन्य एयरलाइनों की तरह इसके किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं छीनेगी।
राष्ट्रीय संवाहक एयर इंडिया ने ट्विटर पर कहा, 'कर्मचारियों के वेतन पर होने वाले खर्च को तर्कसंगत बनाने के एयर इंडिया बोर्ड के हालिया निर्णय की आज शाम नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक बैठक में समीक्षा की गई। बैठक में दोहराया गया कि अन्य एयरलाइनों की तरह एयर इंडिया के किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।'
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने सोमवार को घोषणा की थी कि कोविड-19 महामारी की वजह से उत्पन्न आर्थिक संकट के चलते वह अपने 10 प्रतिशत कर्मचारियों को हटाएगी। राष्ट्रीय संवाहक ने 25 हजार से अधिक कुल मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के भत्तों में 50 प्रतिशत तक की कटौती की बुधवार को घोषणा की थी।
एयर इंडिया ने ट्विटर पर कहा, ‘किसी भी श्रेणी के कर्मचारी के मूल वेतन, महंगाई भत्ता और एचआरए में कोई कटौती नहीं की जाएगी। कोविड-19 की वजह से एअरलाइन की मुश्किल वित्तीय स्थिति के चलते भत्तों को तर्कसंगत करने का निर्णय करना पड़ा।’ इसने कहा कि चालक दल के सदस्यों को उड़ान के घंटों के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
एयरलाइन ने कहा, ‘घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के कोविड-19 से पहले जैसी स्थिति पर पहुंचने तथा एयर इंडिया की वित्तीय हालत में सुधार होने पर तर्कसंगत किए गए भत्तों की समीक्षा की जाएगी।’
एयर इंडिया ने कर्मचारियों के वेतन को तर्कसंगत बनाने के प्रयास के तहत एक महत्वपूर्ण कदम में 14 जुलाई को एक आंतरिक आदेश जारी कर अपने विभाग प्रमुखों तथा क्षेत्रीय निदेशकों से कार्यक्षमता, स्वास्थ्य जैसे विभिन्न कारकों के आधार पर ऐसे कर्मचारियों की पहचान करने को कहा था जिन्हें बिना वेतन पांच साल तक की आवश्यक छुट्टी पर भेजा जा सके। इसने कहा था कि कर्मचारी स्वैच्छिक रूप से भी बिना वेतन अवकाश पर जाने का विकल्प चुन सकते हैं।
There has been no reduction in the Basic pay, DA and HRA of any category of employees. The rationalization of allowances had to be implemented on account of the difficult financial condition of the airline that were exacerbated by COVID-19.(2/3)
— Air India (@airindiain) July 23, 2020
सैलरी कटौती पर पायलटों ने जताई नाराजगी
उधर बृहस्पतिवार को ही 70% की सैलरी कटौती की चर्चा के बीच पायलट संघों ने अपनी नाराजगी जताई। पायलट संघ ने सरकार को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। पत्र में कहा गया है, 'इसका इन पायलटों के परिवार के सदस्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।' सीनियर पायलटों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है, 'पायलटों के वेतन को 75% तक कम करने का सरकार का निर्णय भेदभावपूर्ण और मनमाने तरीके से लिया गया है और इसका घातक प्रभाव हो सकता है।
गौरतलब है कि कोरोना संकट के बीच एयर इंडिया के एक फैसले के बाद से पायलटों के बीच काफी नाराजगी है। लॉकडाउन के बीच भी उड़ान भरकर विदेशों से भारतीय नागरिकों को वापस लाने वाले पायलट पहले कोरोना से संक्रमित हुए और अब उनकी सैलरी में कटौती की बात हो रही है। यहां तक कि एयरलाइन्स के खस्ताहाल होने और 70 हजार करोड़ के कर्ज की बात बोलकर एयर इंडिया और केंद्रीय उड्डयन मंत्री भी इस कदम को सही ठहरा रहा है।