Indian Army: 'स्वर्ण मंदिर में तैनात नहीं की गई थी एयर डिफेंस गन', भारतीय सेना ने दी जानकारी
सेना के एक अधिकारी ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में सेना की तरफ से एयर डिफेंस गन लगाई गई थी। अब सेना ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। स्वर्ण मंदिर प्रशासन ने भी इस दावे को खारिज किया।
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Some media reports are circulating with respect to the deployment of AD Guns in the Golden Temple.
It is clarified that NO AD guns or any other AD resources were deployed within the premises of Sri Darbar Sahib Amritsar (The Golden Temple): Indian Army pic.twitter.com/YPbnocKBZs— ANI (@ANI) May 20, 2025विज्ञापन
भारतीय सेना के वायु रक्षा प्रभारी लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी'कुन्हा ने एक न्यूज एजेंसी के पॉडकास्ट में दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में सेना की तरफ से एयर डिफेंस गन लगाई गई थी। इस दावे को सेना ने ही खारिज कर दिया।
इससे पहले गुरुद्वारा के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी और सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने कहा था कि भारतीय सेना को कोई भी एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति नहीं दी गई थी। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासन ने उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव के बाद ब्लैकआउट के दौरान केवल लाइटें बंद करने के बारे में संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने चल रही धार्मिक आचरण की पवित्रता को बनाए रखते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारी के हित में पूरा सहयोग किया।
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धामी ने कहा कि श्री हरमंदर साहिब में एयर डिफेंस गन की स्थापना के संबंध में किसी भी सेना अधिकारी से कोई संपर्क नहीं हुआ है। हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी कहा कि वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विदेश यात्रा पर थे, लेकिन एयर डिफेंस गन की तैनाती के संबंध में उनसे कोई बातचीत नहीं हुई और न ही स्वर्ण मंदिर में ऐसी कोई घटना घटी।
वहीं ज्ञानी अमरजीत सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल का यह दावा कि हेड ग्रंथी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना को श्री हरिमंदिर साहिब में अपनी एयर डिफेंस गन लगाने की अनुमति दी है। मूल रूप से गलत है क्योंकि ऐसी कोई अनुमति नहीं दी गई है। इस पवित्र स्थान पर बंदूकें स्थापित करने की ऐसी किसी घटना को मंजूरी नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब परिसर की दैनिक रस्में, श्री गुरु रामदास जी का लंगर, श्री अखंड पाठ साहिबान वाले स्थान और अन्य संबंधित गुरु स्थान अनिवार्य हैं, जिनमें किसी को भी किसी भी तरह से बाधा डालने का अधिकार नहीं है और हालिया स्थिति के बावजूद श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में गुरु दरबार की रस्में पूरी निष्ठा और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रखी गई हैं।
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ब्लैकआउट के दौरान बंद की थी बाहर और ऊपर की लाइटें
ज्ञानी अमरजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि हाल ही में शहर में ब्लैकआउट के संबंध में अमृतसर जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के मद्देनजर हरिमंदिर साहिब के प्रबंधन ने सहयोग किया। इस दौरान हरिमंदिर साहिब परिसर की बाहरी व ऊपरी लाइटें निर्धारित समय सीमा के अनुसार बंद कर दी गई, लेकिन जहां भी गुरु साहिब की रस्में निभाई जाती हैं, वहां लाइटें जलाकर रस्में पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाई गई हैं। उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण की भी मांग की।
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