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स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विवाद: सीलिंग पर खफा थे पूर्व एयर चीफ मार्शल एपी सिंह: रक्षा मंत्री को लिखी थी चिट्ठी

Tue, 03 Nov 2026 02:48 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Tue, 03 Nov 2026 02:48 PM IST
सार

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने से पहले रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने का मुद्दा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने उठाया था। उन्होंने पत्र लिखकर इस जमीन पर वायुसेना का नियंत्रण बनाए रखने की मांग की थी।

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पीएम आवास के पास वायुसेना की जमीन का विवाद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन स्थित वायुसेना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और संबंधित जमीन पर वायुसेना का नियंत्रण बनाए रखने की मांग की थी।
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मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, एपी सिंह ने 26 अक्तूबर को रक्षा मंत्री को इस संबंध में विस्तृत पत्र लिखा था। इसके तीन दिन बाद उन्होंने राजनाथ सिंह से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस मुद्दे को फिर उठाया था।
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एआईएफ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को कर दिया गया था सील
रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित एक महत्वपूर्ण वायुसेना केंद्र है। यहां के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने सील कर दिया था। इस फैसले से रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों में चिंता पैदा हुई थी।
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इस घटनाक्रम के कारण 31 अक्टूबर को रिटायर हुए वायुसेना प्रमुख के लिए आयोजित होने वाला विदाई समारोह भी रद्द कर दिया गया था। हालांकि, भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

2014 के संयुक्त सर्वे का दिया हवाला
सूत्रों के मुताबिक, एपी सिंह ने अपने पत्र में 40 एकड़ से अधिक जमीन के उस संयुक्त सर्वे का जिक्र किया था, जो 2014 में तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय, रक्षा संपदा विभाग और वायुसेना ने मिलकर किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की वायुसेना स्टेशन के समग्र संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए इस जमीन का नियंत्रण वायुसेना के पास ही रहना चाहिए।

सूत्रों ने बताया कि वायुसेना पहले ही स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने पर रक्षा मंत्रालय के सामने अपनी चिंता जाहिर कर चुकी है। उसने सीलिंग की कार्रवाई रद्द करने की मांग भी की है। एक सूत्र के मुताबिक, वायुसेना ने इस स्टेशन के परिचालन महत्व का भी हवाला दिया है। यह स्टेशन अत्यधिक सुरक्षा वाले इलाके में हवाई सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चुनौती से निपटने में अहम भूमिका निभाता है।

एपी सिंह ने अपने पत्र में एयर फोर्स स्टेशन के इतिहास और परिसर की मौजूदा स्थिति से जुड़ी कुछ जानकारियों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि इस स्टेशन का परिसर जमीन के लिहाज से तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ है। उन्होंने जोर दिया था कि यहां मौजूद सभी सुविधाएं पहले की तरह संचालित होती रहनी चाहिए।

क्यों सील किया गया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स?
रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पिछले सप्ताह बंद कर दिया गया था। यहां गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाएं मौजूद थीं। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को बेदखली का नोटिस जारी किया था। इसमें जमीन खाली कर वापस सौंपने की मांग की गई थी।

केंद्र सरकार की यह कार्रवाई इलाके में मौजूद कीमती जमीनों को वापस लेने की हालिया मुहिम का हिस्सा है। पिछले कई हफ्तों से सरकार भूमि एवं विकास कार्यालय के माध्यम से लोक कल्याण मार्ग के आसपास की प्रमुख जमीनों की समीक्षा कर रही है। इसका उद्देश्य रक्षा से जुड़ी गोल्फ और खेल सुविधाओं के लिए इस्तेमाल हो रही जमीन को वापस लेना है।

अब कितनी जमीनें कराई गईं खाली?
इससे पहले केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने संबंधित संस्थाओं से एयर फोर्स गोल्फ कोर्स वाली जमीन सौंपने को कहा था। अगस्त में विभाग ने लोक कल्याण मार्ग स्थित 53 एकड़ परिसर से दिल्ली रेस क्लब को बेदखल कर दिया था। इसके लिए जमीन की जरूरत एक अनिर्दिष्ट सार्वजनिक उद्देश्य के लिए बताई गई थी।


इसके अलावा सरकार ने इंडिया पोलो एसोसिएशन से जयपुर पोलो ग्राउंड की जमीन भी वापस ले ली थी। इसके पीछे व्यापक सार्वजनिक उद्देश्य, प्रशासनिक व्यवस्था और रक्षा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का हवाला दिया गया था।
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