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LAC Row: ओवैसी बोले- सेना बहादुर लेकिन सरकार कमजोर, एलओसी की स्थिति पर संसद में हो चर्चा
Tue, 20 Dec 2022 04:40 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 20 Dec 2022 04:40 AM IST
सार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एलओसी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार को घेरा।
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असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में हुई झड़प का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार को घेरा। ओवैसी ने संसद में बहस कराने की अनुमित देने की मांग सरकार से की।
एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि हम सरकार से लगातार संसद में बहस कराने का अनुरोध और मांग कर रहे हैं, लेकिन जब एलओसी की स्थिति की बात आती है तो मोदी सरकार पारदर्शिता नहीं दिखाती। उन्होंने कहा, सरकार आधा सच बोल रही हैं, भ्रामक तथ्य पेश कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि कोई भी चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में नहीं आए हैं।
सेना बहादुर लेकिन सरकार कमजोर
एएनआई से बात करते हुए ओवैसी ने कहा, पीएम मोदी ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि कोई भी हमारे क्षेत्र में प्रवेश नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना बहुत बहादुर है, लेकिन सरकार बहुत कमजोर है और चीन से डरी हुई है।
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संसद में करनी चाहिए चर्चा
उन्होंने कहा कि सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए या संसद में बहस करनी चाहिए। यह साफ किया जाना चाहिए कि चीन को लेकर सरकार की क्या योजनाएं हैं। यदि सरकार राजनीतिक नेतृत्व दिखाती है, तो पूरा देश उनका समर्थन करेगा।
मोदी सरकार को कांग्रेस ने भी घेरा
बीते दिनों हिंसक झड़प पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को घेरा था। कांग्रेस ने कहा कि तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प मामले में सरकार ढुलमुल रवैया छोड़कर सख्त लहजे में चीन को समझाए कि उसकी यह हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी ट्वीट करते हुए मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'भारतीय सेना के शौर्य पर हमें गर्व है। सीमा पर चीन की हरकतें किसी भी तरह से स्वीकार नहीं की जाएंगी। बीते दो साल से हम बार-बार सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार केवल अपनी राजनीतिक छवि को बचाने के लिए इस मामले को दबाने में लगी है। इसी कारण चीन का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।'
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एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि हम सरकार से लगातार संसद में बहस कराने का अनुरोध और मांग कर रहे हैं, लेकिन जब एलओसी की स्थिति की बात आती है तो मोदी सरकार पारदर्शिता नहीं दिखाती। उन्होंने कहा, सरकार आधा सच बोल रही हैं, भ्रामक तथ्य पेश कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि कोई भी चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में नहीं आए हैं।
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सेना बहादुर लेकिन सरकार कमजोर
एएनआई से बात करते हुए ओवैसी ने कहा, पीएम मोदी ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि कोई भी हमारे क्षेत्र में प्रवेश नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना बहुत बहादुर है, लेकिन सरकार बहुत कमजोर है और चीन से डरी हुई है।
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संसद में करनी चाहिए चर्चा
उन्होंने कहा कि सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए या संसद में बहस करनी चाहिए। यह साफ किया जाना चाहिए कि चीन को लेकर सरकार की क्या योजनाएं हैं। यदि सरकार राजनीतिक नेतृत्व दिखाती है, तो पूरा देश उनका समर्थन करेगा।
मोदी सरकार को कांग्रेस ने भी घेरा
बीते दिनों हिंसक झड़प पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को घेरा था। कांग्रेस ने कहा कि तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प मामले में सरकार ढुलमुल रवैया छोड़कर सख्त लहजे में चीन को समझाए कि उसकी यह हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी ट्वीट करते हुए मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'भारतीय सेना के शौर्य पर हमें गर्व है। सीमा पर चीन की हरकतें किसी भी तरह से स्वीकार नहीं की जाएंगी। बीते दो साल से हम बार-बार सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार केवल अपनी राजनीतिक छवि को बचाने के लिए इस मामले को दबाने में लगी है। इसी कारण चीन का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।'