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अहमदाबाद विमान हादसा: ड्रीमलाइनर दुनिया के सबसे भरोसेमंद विमान, तकनीकी चूक को अप्रत्याशित मान रहे विशेषज्ञ
Sat, 14 Jun 2025 07:20 AM IST
शुभम कुमार
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 14 Jun 2025 07:20 AM IST
सार
अहमदाबाद विमान हादसे ने जहां एक तरफ पूरे देश के झकझोर कर रख दिया। तो वहीं इस घटना ने कई सवालों को भी जन्म दिया है। इतना ही नहीं ड्रीमलाइनर 787-8 हादसे ने उड्डयन विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और सुरक्षित माने जाने वाले इस विमान की चूक अप्रत्याशित मानी जा रही है।
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अहमदाबाद विमान हादसा
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
अहमदाबाद में बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 हादसे ने उड्डयन विशेषज्ञों को चौंका दिया है। जिस विमान को दुनिया का सबसे भरोसेमंद, सुरक्षित, आधुनिक और उन्नत माना जाता है, इसलिए इसमें तकनीकी चूक अप्रत्याशित मानी जा रही है। विशेषज्ञ इसे गंभीरता से देख रहे हैं।
ड्रीमलाइनर को इसके कार्बन कंपोजिट बॉडी, उन्नत एवियोनिक्स, ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल्स और ईंधन की कम खपत के लिए जाना जाता है। बोइंग की ओर से निर्मित ड्रीमलाइनर 787 सीरीज के विमानों को खासतौर से लंबी दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया है और इसके सुरक्षा रिकॉर्ड को अब तक काफी अच्छा माना गया है। इनमें 787-8, 787-9 और 787-10 जैसे संस्करण शामिल हैं, जो ईंधन दक्षता, यात्री सुविधा के मानकों पर खरे उतरते हैं।
यह विमान तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि इसे उड्डयन इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। यात्रियों को बेहतर उड़ान अनुभव देने के साथ-साथ ये विमान परिचालन लागत कम करने में भी मददगार साबित हो रहे हैं। इस समय दुनिया भर में 1148 ड्रीमलाइनर उड़ान भर रहे हैं।
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दुनिया की प्रमुख एयरलाइंस कर रहीं हैं उपयोग
ड्रीमलाइनर 787 विमानों का उपयोग अमेरिका, यूरोप, खाड़ी और एशिया की दर्जनों प्रमुख एयरलाइंस कर रही हैं। जापान की ऑल निप्पोन एयरवेज (एएनए) इसकी पहली उपयोगकर्ता रही है। इसके बाद जापान एयरलाइंस, ब्रिटिश एयरवेज, यूएनाइटेड एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस, एयर फ्रांस, कतर एयरवेज, एतिहाद एयरवेज, एमीरेट्स और लैटैम एयरलाइंस जैसे कई नाम इन विमानों को अंतरमहाद्वीपीय उड़ानों में इस्तेमाल कर रहे हैं।
एअर इंडिया के पास 26 विमान
भारत में ड्रीमलाइनर 787 विमान का परिचालन मुख्य रूप से एअर इंडिया की ओर से किया जा रहा है। उसके पास इस समय 787-8 मॉडल के 26 विमान हैं, जिनका उपयोग दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु से न्यूयॉर्क, टोरंटो, लंदन, मेलबर्न, सिडनी, दुबई और यूरोपीय शहरों तक सीधी उड़ानों के लिए किया जा रहा है। एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को मजबूती देने में इन विमानों की अहम भूमिका है।
ये भी पढ़ें:- Ahmedabad Plane Crash: उड्डयन मंत्रालय ने गठित की उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति; हादसे के कारणों का लगाएगी पता
यह है खासियत...
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ड्रीमलाइनर को इसके कार्बन कंपोजिट बॉडी, उन्नत एवियोनिक्स, ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल्स और ईंधन की कम खपत के लिए जाना जाता है। बोइंग की ओर से निर्मित ड्रीमलाइनर 787 सीरीज के विमानों को खासतौर से लंबी दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया है और इसके सुरक्षा रिकॉर्ड को अब तक काफी अच्छा माना गया है। इनमें 787-8, 787-9 और 787-10 जैसे संस्करण शामिल हैं, जो ईंधन दक्षता, यात्री सुविधा के मानकों पर खरे उतरते हैं।
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यह विमान तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि इसे उड्डयन इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। यात्रियों को बेहतर उड़ान अनुभव देने के साथ-साथ ये विमान परिचालन लागत कम करने में भी मददगार साबित हो रहे हैं। इस समय दुनिया भर में 1148 ड्रीमलाइनर उड़ान भर रहे हैं।
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दुनिया की प्रमुख एयरलाइंस कर रहीं हैं उपयोग
ड्रीमलाइनर 787 विमानों का उपयोग अमेरिका, यूरोप, खाड़ी और एशिया की दर्जनों प्रमुख एयरलाइंस कर रही हैं। जापान की ऑल निप्पोन एयरवेज (एएनए) इसकी पहली उपयोगकर्ता रही है। इसके बाद जापान एयरलाइंस, ब्रिटिश एयरवेज, यूएनाइटेड एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस, एयर फ्रांस, कतर एयरवेज, एतिहाद एयरवेज, एमीरेट्स और लैटैम एयरलाइंस जैसे कई नाम इन विमानों को अंतरमहाद्वीपीय उड़ानों में इस्तेमाल कर रहे हैं।
एअर इंडिया के पास 26 विमान
भारत में ड्रीमलाइनर 787 विमान का परिचालन मुख्य रूप से एअर इंडिया की ओर से किया जा रहा है। उसके पास इस समय 787-8 मॉडल के 26 विमान हैं, जिनका उपयोग दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु से न्यूयॉर्क, टोरंटो, लंदन, मेलबर्न, सिडनी, दुबई और यूरोपीय शहरों तक सीधी उड़ानों के लिए किया जा रहा है। एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को मजबूती देने में इन विमानों की अहम भूमिका है।
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यह है खासियत...
- ड्रीमलाइनर की सबसे बड़ी खूबी इसका हल्का ढांचा है, जिसमें कंपोजिट सामग्री का प्रयोग किया गया है।
- पारंपरिक विमानों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम ईंधन की खपत करता है।
- इसकी उड़ान रेंज 13,530 किमी तक है, जिससे यह बिना रुके महाद्वीपों के बीच उड़ान भरने में सक्षम है।
- यह लगभग 227 टन के टेकऑफ वजन के साथ उड़ान भर सकता है। कांफिगरेशन के आधार पर इसकी यात्री क्षमता 242 से 296 तक है।
- इसमें फ्लाई-बाय-वायर तकनीक का उपयोग होता है, जो स्वचालित नियंत्रण प्रणाली को और प्रभावशाली बनाती है। इसके इंजन जनरल इलेक्ट्रिक और रोल्स रॉयस द्वारा बनाए जाते हैं।
- विमानन विश्लेषक अमिताभ जोशी कहते हैं कि ड्रीमलाइनर 787-8 सुरक्षा, ईंधन दक्षता और यात्री सुविधा के कारण भविष्य के हवाई यात्रा का आदर्श मॉडल बन चुका है।
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