Agriculture: 29 मई से अन्नदाताओं के लिए खास अभियान शुरू करेंगे कृषि मंत्री चौहान, इस स्कीम से मिलेगा फायदा
‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ के जरिए वैज्ञानिकों की टीम के गठन और उनके किसानों तक पहुंच बनाने की रूपरेखा भी रखी और बताया कि किस प्रकार से यह टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों के बीच जागरूकता के लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारे पास 16 हजार वैज्ञानिक हैं, जिनमें से 4-4 वैज्ञानिकों की टीमें बनाकर जमीनी स्तर पर जागरूकता का अभियान चलाया जाएगा।
विस्तार
केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह की अगुवाई में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित पूसा कैंपस के भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम में कृषि खरीफ अभियान 2025 पर राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन संपन्न हुआ। सम्मेलन में 10 से ज्यादा राज्यों के कृषि मंत्रियों ने पूसा कैंपस पहुंचकर और अन्य कृषि मंत्रियों ने वर्चुअल जुड़े व कृषि की उन्नति की दिशा में केंद्र के साथ मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई।
सारी दुनिया हमारा परिवार है
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से आए कृषि मंत्रियों व अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि, भारत की 145 करोड़ जनता के लिए पर्याप्त खाद्यान्न, फल और सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। यह एक असाधारण काम है, जिसे हमें मिलकर पूरा करना होगा। भारत केवल भारत के लिए नहीं, सारी दुनिया हमारा परिवार है, हम सबका कल्याण चाहते हैं। भारत अद्भुत देश है। एक साथ कई मोर्चों पर काम चल रहा है। कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी कार्य चल रहा है, आज खरीफ सम्मेलन चल रहा है। भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5वें पायदान से ऊपर उठकर अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया हैं।
लैब से लैंड तक टेक्नोलॉजी और रिसर्च को पहुंचाने की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि ये खरीफ कॉन्फ्रेंस कोई औपचारिकता नहीं है। आगे रबी कॉन्फ्रेंस दो दिन के लिए होगी। हमारा काम है उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत घटाना, उत्पाद के ठीक दाम देना, आपदा में सहायता करना, फलों और फूलों की खेती को बढ़ावा देना है। ये धरती केवल हमारे लिए नहीं है, ये धरती आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्वस्थ रखना है। अत्यधिक उर्वरकों के इस्तेमाल से धरती का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। मैं कृषि मंत्री हूं तो 24 घंटे मुझे यही सोचना चाहिए कि किसानों की बेहतरी कैसे हो। हमें मेहनत के साथ काम करना हमें कृषि के लिए उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए खेती की उन्नति के लिए काम करना होगा। हमें लैब से लैंड तक टेक्नोलॉजी और रिसर्च को पहुंचाना ही होगा।
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जमीनी स्तर पर जागरूकता का अभियान
इस कड़ी में मंत्री चौहान ने ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ के जरिए वैज्ञानिकों की टीम के गठन और उनके किसानों तक पहुंच बनाने की रूपरेखा भी रखी और बताया कि किस प्रकार से यह टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों के बीच जागरूकता के लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारे पास 16 हजार वैज्ञानिक हैं, जिनमें से 4-4 वैज्ञानिकों की टीमें बनाकर जमीनी स्तर पर जागरूकता का अभियान चलाया जाएगा। इन टीमों का उपयोग किसानों की सेवा के लिए होगा। ये साल में दो बार निकलेंगी। रबी फसल के लिए अक्तूबर में अभियान चलेगा। चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों से इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि जब-तक हम सब मिलकर एक दिशा में नहीं चलेंगे, तब तक खेती किसानी के हित में वांछित परिणाम प्राप्त नहीं होंगे।
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विकसित कृषि संकल्प अभियान
आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय कृषि धीरे-धीरे जलवायु अनुकूल होती जा रही है, जो बड़ी उपलब्धि है। कम हेक्टेयर में ज्यादा उपज के लिए भी कार्य प्रतिबद्धता के साथ चल रहा है। आईसीएआर के डीडीजी (कृषि प्रसार) डॉ. राजबीर सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। डीडीजी (फसल विज्ञान) डॉ. डी. के. यादव ने भी प्रस्तुति दी। मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक राहुल सक्सेना ने मौसम के संबंध में जानकारी दी। संयुक्त सचिव अजित कुमार साहू, पूर्णचंद्र किशन और सैमुअल प्रवीण कुमार ने भी प्रेजेंटेशन दिया। कृषि मंत्रालय की संयुक्त सचिव पेरिन देवी ने आभार व्यक्त किया।
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