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Agnipath Scheme: सेना के रेजीमेंटल सिस्टम में नहीं होने जा रहा कोई बदलाव, देश में चल रहे बवाल के बीच बड़ी खबर
Thu, 16 Jun 2022 04:44 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 16 Jun 2022 04:44 PM IST
सार
योजना के तहत 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को तीनों सेवाओं में शामिल किया जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 25 प्रतिशत कर्मियों को योजना में नियमति सेवा में रखने के प्रावधान है।
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भिवानी में प्रदर्शन करते युवा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
देश के कई हिस्सों में सेना भर्ती के नए मॉडल के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के बीच सरकारी सूत्रों ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत आर्मी रेजीमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है और इसके लागू होने के पहले वर्ष में भर्ती होने वाले कर्मियों की संख्या केवल तीन प्रतिशत होगी।
उन्होंने कहा, "इस योजना का उद्देश्य युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने के अवसरों में वृद्धि करना है और इसके तहत कर्मियों की भर्ती, सशस्त्र बलों में वर्तमान नामांकन का लगभग तिगुना होगा।"
सरकार ने मंगलवार को दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर सैनिकों की भर्ती की योजना की घोषणा की है।
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योजना के तहत 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को तीनों सेवाओं में शामिल किया जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 25 प्रतिशत कर्मियों को योजना में नियमति सेवा में रखने के प्रावधान है।
योजना के तहत शामिल किए जाने वाले कर्मियों को 'अग्निवीर' कहा जाएगा। कई राज्यों में इस नई योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे हैं। कई विपक्षी राजनीतिक दलों और सैन्य विशेषज्ञों ने भी इस योजना की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे सशस्त्र बलों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ऐसी आशंका थी कि अग्निपथ योजना से कई रेजीमेंटों का ढांचा बदल जाएगा जो विशिष्ट क्षेत्रों के साथ साथ राजपूत, जाट और सिख जैसी जातियों के युवाओं की भर्ती करती हैं।
सूत्रों ने कहा, रेजीमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। वास्त में इसे और तेज किया जाएगा क्योंकि सर्वश्रेष्ठ अग्निविर का चयन किया जाएगा, जिससे इकाइयों की एकजुटता को और बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने कहा, "इस योजना का उद्देश्य युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने के अवसरों में वृद्धि करना है और इसके तहत कर्मियों की भर्ती, सशस्त्र बलों में वर्तमान नामांकन का लगभग तिगुना होगा।"
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सरकार ने मंगलवार को दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर सैनिकों की भर्ती की योजना की घोषणा की है।
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योजना के तहत 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को तीनों सेवाओं में शामिल किया जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 25 प्रतिशत कर्मियों को योजना में नियमति सेवा में रखने के प्रावधान है।
योजना के तहत शामिल किए जाने वाले कर्मियों को 'अग्निवीर' कहा जाएगा। कई राज्यों में इस नई योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे हैं। कई विपक्षी राजनीतिक दलों और सैन्य विशेषज्ञों ने भी इस योजना की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे सशस्त्र बलों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ऐसी आशंका थी कि अग्निपथ योजना से कई रेजीमेंटों का ढांचा बदल जाएगा जो विशिष्ट क्षेत्रों के साथ साथ राजपूत, जाट और सिख जैसी जातियों के युवाओं की भर्ती करती हैं।
सूत्रों ने कहा, रेजीमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। वास्त में इसे और तेज किया जाएगा क्योंकि सर्वश्रेष्ठ अग्निविर का चयन किया जाएगा, जिससे इकाइयों की एकजुटता को और बढ़ावा मिलेगा।