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टीडीपी के एनडीए से अलग होने के बाद दूसरे दलों ने भाजपा से रखी यह मांग

Sat, 31 Mar 2018 10:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 31 Mar 2018 10:31 AM IST
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after TDP exit all other allies of NDA demand better coordination and accommodative
मोदी-नीतीश

जहां एक तरफ विपक्ष भाजपा के खिलाफ एकजुट होता जा रहा है वहीं नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) अपने सहयोगी दलों को जोड़कर रखने में असमर्थ नजर आ रहा है। तेलुगू देशम पार्टी और शिवसेना पहले ही एनडीए से अलग हो चुके हैं। बाकी के सहयोगी दल भी भाजपा से बेहतर सामंजस्य और उदारता चाहते हैं। बिहार में पिछले कुछ दिनों से हो रही सांप्रदायिक हिंसा की वजह से जेडीयू भाजपा नेतृत्व से खुश नहीं है। राम नवमी के समय भड़की हिंसा और भाजपा नेताओं द्वारा राज्य में उकसाने वाले बयान देने की वजह से नीतीश कुमार नाराज हैं।

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भाजपा की दूसरी गठबंधन पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के नेता और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी नाराज हैं। कुशवाहा ने चारा घोटाला में दोषी करार दिए जा चुके आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। जिसकी वजह से भाजपा असहज हो गया है। इसके अलावा पटना में उन्होंने जेडीयू-भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 
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इस मामले पर जेडीयू के नेता केसी त्यागी का कहना है कि बिहार में गठबंधन पर इसका असर नहीं पड़ेगा लेकिन भाजपा से उन्हें और बेहतर समन्वय की जरूरत है। उन्होंने कहा- एनडीए-1 और एनडीए-2 के बीच में काफी सारी भिन्नताए हैं। हम समझ सकते हैं कि नेतृत्वकर्ता बदल गया है लेकिन गठबंधन पार्टियों के नेताओं के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जाना चाहिए और उनके मसलों का हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगभग 10 महीने हो चुके हैं बिहार में भाजपा के गठबंधन में सरकार बने लेकिन अभी तक एक भी एनडीए बैठक नहीं हुई है। बिहार में भाजपा का बेहतर प्रतिनिधित्व किया जाता है लेकिन केंद्र में जेडीयू का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
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त्यागी का कहना है कि उनकी पार्टी हाल ही में भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए बयानों से नाखुश है लेकिन यह उनके नेतृत्व को ध्यान में रखना है कि वह अपने नेताओं पर अनुशासन बनाए रखे और उनपर अंकुश लगाएं। नीतीश कुमार ने कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया है और वह अब भी वही मानते हैं।

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