PM Modi: अमेरिका से लौटने के बाद ये होगी पीएम मोदी की प्राथमिकता, 10 लाख कार्यकर्ताओं को देंगे 'गुरुमंत्र'
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जून से 24 जून तक अमेरिका की यात्रा पर होंगे। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्त्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने के अनुमान हैं। दोनों ही देशों में इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के पारस्परिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने का काम करेगी। लेकिन अमेरिका यात्रा से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएंगे। वे 25 जून को भाजपा के दस लाख मंडल स्तरीय कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और उन्हें अपने बूथ पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का संदेश देंगे। पहले यह कार्यक्रम भाजपा के संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून पर होना था, लेकिन प्रधानमंत्री की अमेरिकी यात्रा को देखते हुए इसे 25 जून को कर दिया गया है।
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भाजपा सूत्रों के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मंडल स्तरीय कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। बैठक में सभी लोकसभाओं में बनाई गई दो सदस्यीय विशेष कमेटी के लोग भी शामिल होंगे, जिनके ऊपर उस लोकसभा में जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री इन कार्यकर्ताओं को भी सुनेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान भी देंगे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के सभी मंडलों-जिलों और पार्टी के प्रदेश मुख्यालयों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा बनाई जा रही है। कार्यक्रम में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं।
मेरा बूथ, सबसे मजबूत
गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा के अध्यक्ष रहते हुए सबसे पहले 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी ने 13 सितंबर 2018 को पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए इसे 2019 लोकसभा चुनाव की जीत का मंत्र करार दिया था। उन्होंने हर कार्यकर्ता से अपने बूथ पर कम से कम 20 लोगों से संपर्क करने का सुझाव दिया था। उनके इस कार्यक्रम का असर हुआ कि पार्टी उन बूथों पर मजबूत हो सकी, जहां वह विपक्षी दलों की तुलना में कमजोर थी। इसका परिणाम भाजपा की बड़ी जीत के रूप में सामने आया था।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2019 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' कार्यक्रम को संबोधित किया था। भाजपा ने दावा किया था कि इस कार्यक्रम में एक करोड़ लोगों को पीएम के कार्यक्रम से जोड़ा गया और यह विश्व का इस तरह का अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम था।
इस बार क्या कह सकते हैं प्रधानमंत्री
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस बार कार्यकर्ताओं से केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात करने की बात कह सकते हैं। वे समाज के उन तबकों तक पहुंचने का लक्ष्य भी भाजपा कार्यकर्ताओं को दे सकते हैं, जो समाज के पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के हों। वे भाजपा के वोटर न हों, तब भी उनसे संपर्क करने की बात भी कही जा सकती है।