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बागी तेवर : पायलट के साथ बैठक के बाद बोले विधायक- पंजाब का समाधान 10 दिन में तो हमारा क्यों नहीं

Thu, 10 Jun 2021 02:06 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 10 Jun 2021 02:06 PM IST
सार

क्या सिंधिया, जितिन के बाद अब सचिन पायलट कांग्रेस से बगावत करने जा रहे हैं। क्योंकि पिछले 24 घंटे में जो तस्वीर बनी है उससे तो यही लगता है कि पार्टी के भीतर कलह चरम पर है। राजस्थान में गहलोत और पायलट के बीच लंबे समय से चल रही कलह अब सामने आ गई है।

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After Jitin, now Sachin Pilot will revolt with Congress ashok gehlot
अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कांग्रेस की युवा ब्रिगेड धीरे-धीरे बिखरने लगी है। पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया..फिर जितिन प्रसाद और अब सचिन पायलट के छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। बृहस्पतिवार को राजस्थान में सचिन पायलट ने अपने घर पर आठ विधायकों के साथ बैठक की। सके बाद उनके समर्थक विधायकों ने कहा कि यदि पंजाब के असंतुष्ट संकट का हल 10 दिन में निकल सकता है तो हमारा क्यों नहीं?

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सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज चल रहे हैं। साथ ही पार्टी आलाकमान से भी वो खफा हैं। बैठक के बाद पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया आदि ने कहा कि कोरोना काल में किए गए कामों और पार्टी के कल होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पायलट कांग्रेस के साथ और और हम सचिन पायलट के साथ हैं, लेकिन आलाकमान को हमारी भी सुननी चाहिए। जब पंजाब में विधायकों की समस्याओं का हल 10 दिन में हो सकता है तो राजस्थान में देर ठीक नहीं है। 

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दरअसल, राजस्थान में सियासी सरगर्मी तेज होने के पीछे मुख्य वजह सचिन पायलट का बयान है। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कांग्रेस में कथित तौर पर बढ़ते असंतोष का हवाला देते हुए ट्वीट किया , जिसपर पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने उन्हें अपनी पार्टी की आंतरिक कलह देखने की नसीहत दे दी।  राठौड़ ने ट्वीट किया,'आखिर मन का दर्द होंठों पर आ ही गया। ये चिंगारी कब बारूद बनकर फूटेगी, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने अहम भूमिका निभाई थी। सुलह कमेटी के पास मुद्दे अब भी अनसुलझे ही हैं। न जाने कब क्या हो जाए।'

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पायलट ने व्यक्त की नाराजगी
सचिन पायलट ने 10 महीने पहले उठाए गए मुद्दों पर गठित केंद्रीय समिति द्वारा अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई है। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल नहीं होने से पायलट गुट के कई विधायक नाराज चल रहे हैं। कुछ दिन पहले ही पायलट समर्थक और वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने सरकार से नाराजगी जाहिर करते हुए अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भेजा दिया था। इसके अलावा पायलट खेमे के अन्य नेता वेद सोलंकी, रमेश मीणा समेत कई समर्थकों ने  सरकार के विरोध में आवाज उठाई थी। 


आलाकमान से भी खफा है सचिन पायलट
 राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मनभेद और मनमुटाव की खबरें आए दिन चर्चा में रहती थीं, लेकिन बीते कुछ समय से दोनों नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी जारी है।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  पार्टी समन्वय समिति की बैठक नहीं होने से सचिन पायलट गहलोत से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि पार्टी उनकी बातों को अनसुनी कर रही है। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में सचिन पायलट खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। दरअसल, 11 जून को सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि है, पिछले साल पुण्यतिथि के दिन से ही राजस्थान में कलह शुरू हुई थी।  

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